देहरादून स्थित आईएमए की पॉसिंग आउट परेड में भाग लेकर जेवली निवासी लेफ्टिनेंट हेमंत श्योराण सेना का हिस्सा बन गए हैं। उनसे पहले उनके पिता और दादा भी सेना में जाकर देशसेवा कर चुके हैं। हेमंत ने सेना ज्वाइन करके परिवार की परंपरा को तीसरी पीढ़ी में भी कायम रखा है। हेमंत के पिता और दादा सेना में नायब सूबेदार थे, जबकि वे लेफ्टिनेंट भर्ती हुए हैं।
गांव जेवली निवासी सूबेदार जयसिंह के बड़े पुत्र हेमंत श्योराण ने बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, अजमेर में शिक्षा प्राप्त की। बारहवीं पास करते हुए हेमंत श्योराण ने यूपीएससी ने अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित एनडीए परीक्षा दी और मेरिट सूची में नाम दर्ज करवाकर अपना चयन सुनिश्चित किया।
तीन वर्ष तक पूणे व एक वर्ष तक आईएमए देहरादून में प्रशिक्षण के बाद शनिवार को उन्होंने भव्य पासिंग आउट परेड में भाग लिया। वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एसके सैनी व आईएमए कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल हरेंद्र सिंह ने उनको देश सेवा पर मर मिटने की शपथ दिलवाई।
पिता 30 वर्ष से सेना में दे रहे सेवाएं
पासिंग आउट परेड देखकर आए हेमंत के पिता सूबेदार जयसिंह ने बताया कि उनके पिता सेना में थे और पिछले 30 सालों से वो भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बेटे के लेफ्टिनेंट बनने पर उन्हें बेहद खुशी है। छोटा बेटा पूर्व श्योरण अभी बिहार के गया में सेना ऑफिसर ट्रेनिंग केन्द्र पर प्रशिक्षण पा रहा है। उनके परिवार में बाल्यकाल से ही सेना में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है।
इन लोगों ने दी बधाई
जेवली निवासी एवं लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य महेंद्र शास्त्री, सरपंच प्रेम जांगड़ा, समाजसेवी मुकेश जेवली, प्रज्ञा शिक्षण संस्था चेयरमैन कृष्ण जेवली, डॉ. गोपीराम, बीडीसी कर्मबीर श्योराण आदि ने परिवार को लाडले की कामयाबी पर बधाई दी है।