हाल ही में बुजुर्ग का खाता हैक कर साइबर अपराधी ने निकाले 2.22 लाख, इस वर्ष सामने आए 95 प्रतिशत मामले सुलझा चुकी साइबर थाना पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला में साइबर ठग इस वर्ष आठ माह के अंदर 23 लोगों को अपना शिकार बनाकर 25,40,156 रुपये की चपत लगा चुके हैं। हालांकि, आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ज्यादातर मामलों का पटाक्षेप कर चुकी है। आरोपियों से ठगी की कुछ रकम भी बरामद हुई है। वहीं, हाल ही में बुजुर्ग का खाता हैक कर पैसे निकालने का नया मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
जिले में आठ माह के दौरान 23 लोगों के साथ साइबर ठगी हुई है। इनसे ठगों ने टाॅस्क जीतने, परिचित बनकर, परिचित का फोटो लगाकर, गेम आईडी देने, सस्ता सामान व गाड़ी देने, न्यूड कॉल वायरल होने, रिवार्ड जीतने, पैकिंग का काम करने, क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने, सस्ते हवाई टिकट, डिमेट खुलवाकर, लिंक भेजकर आदि पैंतरे आजमाकर पैसे ऐंठे हैं।
दूसरी ओर साइबर पुलिस भी इनमें से 95 फीसदी केस सुलझाने में सफल रही है। अधिकतर आरोपियों का काबू कर रुपये वसूल चुकी है। पुलिस समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है। बावजूद इसके शिक्षित लोग ठगों के झांसे में आ रहे हैं।
किससे और कैसे की गई ठगी
केस-1 बुजुर्ग का खाता हैक कर 2.22 लाख निकाले
गांव उमरवास निवासी राकेश ने बताया कि वह जुई में बिजली के सामान की दुकान पर काम करता है। उसके पिता रामफल बुजुर्ग आदमी हैं। कीपैड का फोन रखते हैं। इसमें ऑनलाइन खाता सुविधा न होने कारण वे इस प्रक्रिया से परे हैं। उन्होंने बताया कि 25 जून को अपने पिता के बैंक स्टेटमेंट की जांच की थी। इसमें 19 व 25 जून को दो ट्रांजेक्शन से खाते से 2,22,072 रुपये निकाले गए थे। उसने अपने पिताजी से इस बारे में बात की तो उन्होंने पैसे निकलवाने की बात से इन्कार कर दिया। बाद में उन्हें धोखाधड़ी होने का पता चला। अब उन्होंने पुलिस से ठग का पता लगाकर रुपये बरामद कराने की गुहार लगाई है।
केस-2 डिमेट खाता खुलवाकर डलवाए पांच लाख रुपये
गांव डांडमा निवासी विकास ने 13 अगस्त को पुलिस को बताया कि दो साल पहले उसने टेलीग्राम एप चलाना शुरू किया था। इसमें नवंबर 2022 को एक मैसेज आया और डिमेट खाता खुलवाकर रुपये कमाने का लालच दिया। उसने दो खाते खुलवा लिए और इनमें 4 लाख रुपये डाल दिए। अब उसके खातों में पांच लाख रुपये हो चुके थे। वह उन्हें निकालना चाहता था। इसके लिए तीन पहले रिक्वेस्ट डाली थी। लेकिन वह नहीं निकाल पाया। जब उसने खाता खुलवाने वाले से बात की तो उसने पहले रुपये लेने की कोशिश की, लेकिन पैसे न देने पर आरोपी ने उसके दोनों खाते बंद कर पैसे हड़प लिए।
केस-3 टास्क जीतने का झासा देकर ठगे 4.87 लाख
शहर निवासी नवीन कुमार ने 28 अप्रैल को पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने बताया कि उसके पास टेलीग्राम पर टास्क खेलने के लिए एक लिंक आया। इस पर क्लिक कर उन्होंने टाॅस्क पूरा किया। इसमें उसे 538 रुपये मिले। बाद में उसने दो बार में 1200 रुपये कर लिए। इसके बाद उसे लिंक भेजने वाले ने ग्रुप का सदस्य बनाने का ऑफर दिया। इसके लिए उसने कई बार करके उससे 4,87,346 रुपये हड़प लिए। बाद में उसे फ्रॉड होने का पता चला और पुलिस को इसकी जानकारी दी।
केस-4 लिंक पर डेबिट कार्ड लेकर सैनिक के रुपये काटे
गांव मोरवाला निवासी वर्षभान ने 29 अप्रैल को पुलिस थाने में फरियाद की। उन्होंने बताया कि वह सेना में है और सात मार्च को छुट्टी आया था। उसने बैंक में 4.25 लाख की एफडी बनवा रखी थी। इसके बारे में जानकारी लेने के लिए उसने गूगल से टोल फ्री नंबर लेकर कॉल की। इसके थोड़ी देर बाद उसके पास व्हाट्सएप पर एक लिंक आया। इसमें डेबिट कार्ड के अंतिम चार अंक पूछे। उसने ये भर दिए और कुछ ही देर में उसके फोन पर 4.25 रुपये ट्रांजेक्शन का संदेश आया। बैंक से पता करने पर धोखाधड़ी होने की जानकारी मिली। बाद में उसने पुलिस से पैसे बरामद कराने की मांग की।
वर्सन:
इस वर्ष सामने आए साइबर ठगी के ज्यादातर मामले पुलिस ट्रेस कर चुकी है। हाल ही में जो बुजुर्ग के साथ ठगी का मामला सामने आया है, उसकी जांच भी शुरू कर दी गई है।
-पवन कुमार, प्रवक्ता, जिला पुलिस
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चरखी दादरी साइबर पुलिस थाना। संवाद