नहरी पानी कम मिलने से इस बार जिले में मार्च की शुरुआत में ही पेयजल संकट गहराया हुआ है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों जैसा ही हाल प्रशासनिक अधिकारियों का है। उनके आवास पर भी नियमित पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसकी बानगी सोमवार को पेयजल समस्या पर सिटीएम और जनसंगठनों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत के दौरान देखने को मिली। खापों, किसान संगठनों, पार्षदों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल की समस्या सुनते हुए सिटीएम अमित मान ने भी कहा कि उनके घर भी पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है और वो भी समस्या से परेशान हैं। हालांकि सिटीएम ने प्रतिनिधिमंडल को जल्द समाधान करवाने का आश्वासन देकर उपायुक्त कैंप कार्यालय से वापस भेजा।
जिले में गहराए पेयजल संकट के समाधान की मांग लेकर सोमवार दोपहर साढ़े तीन बजे खाप फौगाट प्रधान बलवंत नंबरदार, सचिव सुरेश फौगाट, सांगवान खाप कन्नी प्रधान सूरजभान, संयुक्त किसान मोर्चा जिला इकाई से राजू मान, सुरेंद्र कुब्जा, नगर व्यापार मंडल प्रधान एवं पार्षद रविंद्र गुप्ता, पार्षद विरेंद्र पप्पू, पार्षद प्रतिनिधि एडवोकेट विक्रम श्योराण समेत 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल डीसी कैंप ऑफिस पहुंचा। वहां डीसी की अनुपस्थिति में वे सिटीएम अमित मान से मिले। सिटीएम को प्रतिनिधिमंडल ने सीवर-पेयजल समस्याओं से संबंधी राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
इससे पहले सिटीएम को प्रतिनिधिमंडल ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में गहराए पेयजल संकट की जानकारी दी। पार्षद विरेंद्र पप्पू और रविंद्र गुप्ता ने कहा कि पहले शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति होती थी, लेकिन अब दो से तीन दिन में एक बार कुछ समय के लिए आपूर्ति होती है। उन्होंने बताया कि मार्च की शुरुआत में पूरा शहर जून-जुलाई की भांति पेयजल संकट झेल रहा है। वहीं, दूसरी ओर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इसके अलावा गांवों में तो और भी बुरा हाल है। खेतों में फसलें और घरों में लोग प्यासे हैं, लेकिन जलघरों के टैंकों को नहीं भरा जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद सिटीएम ने कहा कि आप लोगों की बात जायज है। मेरे घर भी पानी नहीं आ रहा है, जिसके कारण परेशानी हो रही है। सिटीएम ने कहा कि समस्या का स्थायी समाधान करवाने के लिए प्रशासन प्रयासरत है और जल्द ही स्थायी विकल्प तलाशा जाएगा।
सीवर मार रहे बैक, नरक बना जीवन
पार्षद रविंद्र गुप्ता, खाप फौगाट प्रधान बलवंत नंबरदार और सचिव सुरेश फौगाट ने कहा कि शहर में सीवर व्यवस्था भी बेपटरी है। एतिहासिक श्यामसर तालाब में विभाग सीवर लाइनों का पानी डाल रहा है। सीवर लाइन ब्लॉक होने से गलियों में दूषित पानी भरा हुआ है और लोग नरकीय जीवन जीने के मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि तत्काल प्रभाव से शहर की सीवर व्यवस्था में भी प्रशासन सुधार करवाए।
बिना फिल्टर के सप्लाई हो रहा ट्यूबवेल का पानी
किसान नेता राजू मान ने सिटीएम से कहा कि उपचारित पानी सप्लाई करने का तर्क देकर विभागीय अधिकारी झूठे बिल तैयार करवा लेते हैं, लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं होता। शहर में उपचारित किए बिना ही बोरिंग ट्यूबवेलों का पानी सप्लाई किया जा रहा है। इस पानी को खाना बनाने, कपड़े धोने या नहाने के उपयोग में नहीं ले सकते।
काम न करने वाले अधिकारियों पर प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई
पार्षदों ने बताया कि पूरा शहर सीवर-पेयजल समस्या से त्रस्त है लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। इस पर खाप फौगाट और सांगवान के पदाधिकारियों ने सिटीएम से कहा कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिला प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने ये रखीं मांगें
- शहर की आबादी के मुताबिक पेयजल भंडारण क्षमता की जाए।
- सीवर समस्या का स्थायी समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए।
- ट्यूबवेल के बजाय शहर व गांवों में नहरी पानी की ही आपूर्ति की जाए।
- गांवों के जलघरों की भी जनस्वास्थ्य विभाग दशा सुधारे
- किसानों को खेतों और पशुपालकों को मवेशियों के लिए पानी मिले।
आज हमारा प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिलने पहुंचा था, लेकिन उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के चलते सिटीएम से मुलाकात की गई। उन्हें सीवर-पेयजल संबंधी समस्याओं की जानकारी दे दी है। सिटीएम ने जल्द विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करवाने और तत्काल प्रभाव से समाधान करवाने का आश्वासन दिया है।
बलवंत फौगाट, प्रधान, खाप फौगाट-19
राज्यपाल के नाम प्रतिनिधिमंडल ने मुझे सीवर और पेयजल समस्याओं से संबंधी ज्ञापन सौंपा है। इस हम राज्यपाल को भेज देंगे। जल्द ही समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा और इसके लिए विभाग के अधिकारियों के साथ प्रतिनिधिमंडल की हम बैठक भी करवाएंगे, जिसमें पेयजल-सीवर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
अमित मान, सिटीएम, चरखी दादरी