दिवंगत जवान के पिता हरके राम को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भेंट करते सीआरपीएफ अधिकारी।
चरखी दादरी। गांव बिंद्रावन निवासी सीआरपीएफ में तैनात हवलदार धर्मेंद्र का जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान हादसे में निधन हो गया। शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ गांव में उनकी अंत्येष्टि की गई। 13 वर्षीय पुत्र हैप्पी ने चिता को मुखाग्नि दी। पुलिस की टुकड़ी ने दिवंगत जवान को अंतिम सलामी दी।
पिता हरके राम ने बताया कि पुत्र धर्मेंद्र का सपना शुरू से ही राष्ट्र की सुरक्षा का रहा था। वह वर्ष 2000 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में उनका निधन हो गया। दिवंगत के दो पुत्रियां 17 वर्षीय तन्नू, 20 वर्षीय अन्नू व पुत्र हैप्पी 13 वर्ष हैं। हरके राम ने बताया कि धर्मेंद्र से ही प्रेरित होकर उनका छोटा पुत्र सुरेंद्र भी आर्मी में बतौर हवलदार देश सेवा कर रहा है।
हवलदार धर्मेंद्र को सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सतबीर सिंह, सब इंस्पेक्टर बलबीर व पुलिस थाना प्रभारी बाढड़ा ने श्रद्धांजलि दी। हरियाणा पुलिस के जवानों ने हवा में गोलियां चलाकर दिवंगत को अंतिम सलामी दी। इस दौरान नफे सिंह फौजी, चेयरमैन मंदीप डालावास, पार्षद सुनील ने भी दिवंगत को अंतिम विदाई दी।
सेना के अस्पताल में चल रहा था उपचार
परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र 76 सीआरपीएफ बटालियन में जम्मू के थनी में तैनात था। 31 जुलाई को ड्यूटी के दौरान धर्मेंद्र का एक्सीडेंट हुआ था।उसका सेना के अस्पताल में ही उपचार चल रहा था। 2 अगस्त को उसका उपचार के दौरान निधन हो गया। 3 अगस्त को धर्मेंद्र के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।