चरखी दादरी। चतुर्थ श्रेणी पद पर चयनित उम्मीदवारों की मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सिविल अस्पताल में भीड़ बनी रही। करीब 300 उम्मीदवारों ने मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाए। इसके लिए उम्मीदवारों ने सुबह से ही अस्पताल पहुंचना शुरू कर दिया। अस्पताल में दिनभर लाइन लगी रही। चिकित्सकों ने बारी-बारी से युवाओं का मेडिकल परीक्षण कर प्रमाणपत्र दिए। अस्पताल प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए। अवकाश के दिन भी चिकित्सकों को तैनात किया गया ताकि युवाओं को ज्वाइनिंग में दिक्कत न आए।
- पहली सरकारी नौकरी से परिवारों में खुशी
बीए पास हूं और मेरे परिवार में पहली सरकारी नौकरी लगी है। सीईटी में अच्छे अंक के आधार पर मेरा चयन हुआ है। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। नौकरी मिलने पर मुझे और परिजनों को बेहद खुशी है। सीईटी के लिए मेहनत की और उसी की बदौलत चयन हुआ है। - पंकज, रावलधी
एमए पास हूं और मेरे पिता मजदूरी करते हैं। परिवार में पहली सरकारी नौकरी मिली है। नौकरी मिलने पर बेहद खुश हूं। हालांकि योग्यता के अनुरूप मुझे पद नहीं मिला। फिर भी बेरोजगारी के इन हालात में दाल-रोटी का गुजारा हो जाएगा। - मंकित, रावलधी
पिता मजदूरी करते हैं। घर में किसी की सरकारी नौकरी नहीं थी। मेरी शैक्षिक योग्यता बारहवीं है। बेरोजगारी के इस आलम में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी मिलना भी मेरे लिए बड़ी बात है। नौकरी मिलने पर परिजन बेहद खुश हैं। -अक्षय, ऊण
मेरे पिता किसान हैं। परिवार में किसी के पास सरकारी नौकरी नहीं थी। परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। अब मुझे नौकरी मिलने पर गुजारा हो जाएगा। नौकरी मिलने पर मुझे बेहद प्रसन्नता है। आज बेरोजगारों की फौज खड़ी है। ऐसे में चतुर्थ श्रेणी पद से संतुष्ट हूं। - जगदीप, दगड़ोली।