पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र।
चरखी दादरी। जिले में डीएपी, यूरिया व गेहूं के बीज का संकट बरकरार है। किसान खाद व बीज के लिए सोसायटी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। शुक्रवार को भी खाद नहीं मिलने पर किसानों को निराश हाथ लगी।
इस समय गेहूं की बिजाई का कार्य जारी है और किसानों को डीएपी, यूरिया व बीज की जरूरत है। कृषि विभाग अधिकारियों का कहना है कि डीएपी खाद पहुंचने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। किसानों को अभी 5,000 मीट्रिक टन डीएपी की और जरूरत है।
अब तक 3,920 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। इस बार जिले में 1.10 लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई होने का अनुमान है। जिले में आठ दिन से डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। यूरिया खाद व गेहूं का बीज भी खत्म हो चुका है। गेहूं की बिजाई में किसान डीएपी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
शुक्रवार को भी डीएपी खाद किसानों को उपलब्ध नहीं हो सकी। सरसों की बिजाई का काम पूरा हो चुका है। 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई हो सकेगी उसके बाद 25 दिसंबर तक पछेती किस्मों की बिजाई हो सकेगी। ऐसे में बीच-बीच में डीएपी खाद की जरूरत बनी रहेगी। किसानों ने सरकार ने जल्द खाद उपलब्ध करवाने की मांग की है।
-डीएपी खाद की स्थिति स्पष्ट नहीं है। दिसंबर माह तक डीएपी की 5000 मीट्रिक टन की और जरूरत है। खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी। खाद की ऊपर मांग भेज रखी है। यूरिया खाद दो दिन में आने की उम्मीद है।
- कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग