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Dadri: फर्जी प्राॅपर्टी आईडी से नाम करवाई जमीन, नायब तहसीलदार समेत चार पर केस दर्ज

Fri, 18 Aug 2023 11:44 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, दादरी (हरियाणा)

सार

संजीव जैन ने बताया कि सर्वे के दौरान राजेश नामक शख्स ने अपने नाम से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनवा ली और बाद में इसकी रजिस्टरी अपने बेटे चिराग के नाम कर दी। शिकायतकर्ता के अनुसार राजेश के पास जमीन के कोई दस्तावेज नहीं है और उसने नगर परिषद से गलत रिपोर्ट भी तैयार करवाई।
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एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चरखी दादरी के शहर स्थित 197.18 गज जमीन की फर्जी प्रॉपर्टी आईडी से रजिस्टरी करवाने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार, रजिस्टरी क्लर्क सुनील कुमार, राजेश कुमार और चिराग के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 व 120-बी के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

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गत 30 दिन जून को घिकाड़ा रोड के समीप रहने वाले संजीव जैन ने पुलिस को फर्जीवाड़ा कर उसकी जमीन अपने नाम कराने की शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि पुराना शहर में उनकी 197.18 गज पुश्तैनी जमीन है। प्लाॅट की पुरानी प्रॉपर्टी आईडी CD15P0298A थी और नई प्रॉपर्टी आईडी 3DL9F2E6 है।

घिकाड़ा रोड निवासी व्यक्ति ने आर्थिक अपराध शाखा में सौंपी थी शिकायत
संजीव जैन ने बताया कि सर्वे के दौरान राजेश नामक शख्स ने अपने नाम से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनवा ली और बाद में इसकी रजिस्टरी अपने बेटे चिराग के नाम कर दी। शिकायतकर्ता के अनुसार राजेश के पास जमीन के कोई दस्तावेज नहीं है और उसने नगर परिषद से गलत रिपोर्ट भी तैयार करवाई। संजीव जैन के अनुसार रजिस्टरी भी सही नहीं है और इसके चलते संबंधित अधिकारी व कर्मचारी इसके जिम्मेदार हैं। संजीव जैन की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की जांच कर रिपोर्ट थाने में सौंपकर कार्रवाई करने की सिफारिश की है। वहीं, पुलिस ने इस संबंध में चार पर केस दर्ज कर लिया है।
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2012 में भवन तोड़ने के भेजा था नोटिस
शिकायतकर्ता संजीव जैन ने बताया कि फिलहाल जो जगह खाली पड़ी है वहां पहले भवन था। उस भवन में उनका परिवार रहता था। बाद में उन्होंने घिकाड़ा रोड पर रिहायश कर ली। संजीव ने बताया कि उनका पुराना मकान जर्जर होने के कारण वर्ष 2012 में नगर पालिका ने उन्हें नोटिस भेजा था जिसमें भवन तोड़ने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने भवन तुड़वा दिया था। 

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