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मर्डर मिस्ट्री: कौन थे घर में घुसकर जगदीश पहल को छलनी करने वाले... पहेली बरकरार, फाइल बंद

Tue, 20 Sep 2022 06:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह हनी सोनी, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)

सार

क्रशर ठेकेदार हत्याकांड की गुत्थी 8 साल बाद भी नहीं सुलझी है। पुलिस इसमें नाकाम है और फाइल बंद कर दी गई है। परिजनों ने सोनाली हत्याकांड की तरह सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है।
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मृतक ठेकेदार जगदीश पहल की फाइल फोटो। मृतक ठेकेदार के बेटे मोनू व सोनू अपनी मां उर्मिला के साथ। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के चरखी दादरी में सिटी थाना क्षेत्र की लोहारू रोड स्थित एमसी कॉलोनी में 21 जुलाई 2014 की सुबह करीब 3:45 बजे दो युवकों ने घर में घुसकर हरियाणा और राजस्थान के नामी क्रशर ठेकेदार जगदीश पहल पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। उनके पेट और हाथों में चार गोलियां लगी थीं। घर पर ठेकेदार की पत्नी और माता-पिता थे।

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इलाज के दौरान जगदीश ने दम तोड़ दिया। पुलिस और क्राइक ब्रांच ने जांच की, लेकिन खुलासा न होने पर फाइल बंद कर दी। आठ साल बाद भी इस मामले का खुलासा नहीं हो सका है। परिजन इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सोनाली फोगाट की तरह जगदीश पहल भी नामी चेहरा थे और सरकार को अविलंब इस मामले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। 

संवाददाता ने 2014 के चर्चित जगदीश पहल हत्याकांड केस की मौजूदा स्थिति का पता लगाया तो जानकारी मिली कि अनट्रेस रहने के चलते इस मामले की फाइल करीब तीन साल पहले बंद की जा चुकी है। इससे पहले दादरी पुलिस और फिर हिसार क्राइम ब्रांच की टीम मामले की जांच कर चुकी है, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
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वहीं मृतक ठेकेदार जगदीश पहल के बेटे मोनू पहल से भी इस मामले में बात की गई। मोनू ने बताया कि वो तीन भाई हैं। उनके पिता हरियाणा के अलावा राजस्थान में ठेकेदारी करते थे। सरेआम घर में घुसकर उनके पिता की हत्या की गई थी और आठ साल दो माह बीतने पर भी हत्याकांड अनसुलझा है। पुलिस का लंबे समय से मामले की फाइल बंद रखना उनके दर्द को और बढ़ा रहा है।

यूं दिया था हत्याकांड को अंजाम
जगदीश पहल के बेटे मोनू ने बताया कि 21 जुलाई 2014 की सुबह करीब 3:45 बजे दो युवक उनके घर आए। उस समय पिता जगदीश, मां उर्मिला और दादा-दादी ही घर पर थे। दोनों युवकों ने गेट खुलवाया और मां उर्मिला से जगदीश पहल को बाहर बुलाने की बात कही। इसके बाद जैसे ही जगदीश पहल सामने आए, दोनों युवकों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। उनके पेट और हाथों में चार गोलियां लगीं। जगदीश पहल ने हमले के तीन दिन बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। उस दौरान यह हत्याकांड सुर्खियों में रहा था। 

फुटेज में जाइलो मिली थी संदिग्ध, आगे नहीं लग पाया सुराग
हत्याकांड को सुलझाने के लिए दादरी पुलिस ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन विफल रही। हालांकि विभिन्न जगहों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को एक जाइलो गाड़ी संदिग्ध हालत में मिली थी, लेकिन इससे आगे पुलिस उस जाइलो का सुराग नहीं लगा पाई। इतना ही नहीं पुलिस ने उस समय अवधि में बैंकों के विभिन्न खातों में हुई ट्रांजेक्शन का डाटा भी खंगाला था, ताकि कोई सुराग मिल सके। उस दौरान चर्चा रही थी कि हत्याकांड के लिए शार्प शूटर बुलाए गए। 

परिजन बोले : चार बार मिल चुके सीएम से
मृतक ठेकेदार जगदीश पहल के बेटे सोनू और मोनू पहल ने बताया कि उनके पिता की हत्या किसने और क्यों करवाई थी, इसका पुलिस अब तक पता नहीं लगा पाई है। सरकार को हर माह लाखों का राजस्व देने वाले उनके पिता के हत्यारों का सुराग बताने वालों के लिए सरकार ने महज 10 हजार का छोटा सा इनाम घोषित किया। क्या किसी नामी आदमी के हत्याकांड को सुलझाने के लिए सरकार के कोष में दस हजार ही हैं। उनका कहना है कि वो अनगिनत बार पुलिस अधिकारियों और नेताओं से हत्याकांड को ट्रेस करवाने के लिए मिल चुके हैं। इसके अलावा चार बार सीएम से मिलकर मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने गृहमंत्री अनिल विज से इस हत्याकांड पर संज्ञान लेने की गुहार लगाई है।

यह हत्याकांड मेरे संज्ञान में नहीं है। अब मीडिया के जरिये मुझे इसकी जानकारी मिली है। मैं दादरी एसपी से इस संबंध में अलग से बातचीत कर पता लगाऊंगा कि यह मामला किस स्टेज पर है। जो भी कार्रवाई बनेगी हम जरूर करेंगे। - प्रशांत कुमार अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक

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