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Haryana: चरखी दादरी में फर्जी मुठभेड़ मामले में स्पेशल स्टाफ प्रभारी बलवान और एएसआई मनजीत निलंबित

Wed, 10 Jan 2024 12:12 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)

सार

मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसपी नितिका गहलोत ने डीएसपी सुभाष चंद्र को मामले की जांच सौंपी है। शिकायतकर्ता पक्ष ने पुलिस के खिलाफ धरना शुरू कर दिया है। 
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suspend - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के चरखी दादरी में फर्जी मुठभेड़ और दस लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप की लिखित शिकायत मिलने पर एसपी नितिका गहलोत ने स्पेशल स्टाफ प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह और एएसआई मनजीत को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। एसपी ने फर्जी मुठभेड़ और रिश्वतखोरी के मामले की जांच डीएसपी सुभाष चंद्र को सौंपी है। दूसरी ओर शिकायतकर्ता पक्ष ने लघु सचिवालय में मंगलवार से धरना शुरू कर दिया है।

 

बौंदकलां थाने में पिछले वर्ष नवंबर में एफआईआर नंबर 209 दर्ज हुई थी। इस मामले में आरोपी पक्ष के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। परिजनों ने एसपी नितिका से मुलाकात कर इस एफआईआर को पुलिस की ज्यादती बताया था।

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परिजनों का आरोप था कि साक्षी-मोहित फायरिंग मामले के तीनों आरोपियों को उन्होंने दिन में पुलिस टीम को सौंप दिया था जबकि पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक आरोपी सोनू की गिरफ्तारी दिखाई और उसके पैर में जान-बूझकर गोली मारी।

लघु सचिवालय चरखी दादरी में धरने पर नारेबाजी करता शिकायतकर्ता पक्ष। संवाद

आरोपी सोनू और कुलदीप के परिजनों का आरोप था कि उत्पीड़न न करने और अन्य परिजनों को गिरफ्तार न करने का वादा कर निरीक्षक बलवान सिंह और एएसआई मनजीत ने उनसे 10 लाख रुपये लिए थे। साक्षी-मोहित पर फायरिंग के आरोपी साक्षी के पिता कुलदीप, सोनू और परमजीत उर्फ तोता के परिजनों की लिखित शिकायत पर एसपी ने कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने पुलिस से जुड़े दोनों आरोपियों को निलंबित कर उनकी विभागीय जांच का आदेश दिया।

 

शिकायतकर्ता पक्ष बोला : दिन-रात जारी रखेंगे बेमियादी धरना
शिकायतकर्ता पक्ष ने मंगलवार से लघु सचिवालय के ठीक सामने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि फर्जी मुठभेड़ और रिश्वत का मामला उठाने के बाद पुलिस ने परिजनों को परेशान किया है। दोषियों पर कार्रवाई के लिए उन्होंने धरना शुरू किया है। धरना दिन-रात जारी रहेगा।

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पुलिस का तर्क : बयान दर्ज करने के लिए बुलाना प्रक्रिया का हिस्सा
डीएसपी सुभाष चंद्र ने पुलिस पर परेशान करने के आरोप को नकारते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है। बयान दर्ज करने के लिए संबंधित पक्ष को बुलाना जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। सारे तथ्य जानने जरूरी हैं। मामले से जुड़े हर एक व्यक्ति से पूछताछ की जा सकती है। शिकायतकर्ता पक्ष को जांच में सहयोग करना चाहिए।

एसपी नितिका गहलोत ने मामले की जांच मुझे सौंपी है। निरीक्षक बलवान सिंह और एएसआई मनजीत को सस्पेंड किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। -सुभाष चंद्र, डीएसपी, चरखी दादरी।

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