चरखी दादरी पुलिस के जागरूकता मुहिम चलाने के बाद भी जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपना रहे है। हाल ही में उनका एक नया पैंतरा सामने आया है जिसमें वो कॉल कर सामने वाले शख्स से कहते है कि मैं महाराज बोल रहा हूं और मुझे रुपयों की जरूरत है।
यह बात सुनकर लोग उन्हें गांव के मंदिर का महाराज समझकर फोन-पे के जरिये रुपये ट्रांसफर कर देते हैं। इस तरह की ठगी पैंतावास कलां निवासी सैनिक और खेड़ी सनवाल निवासी रिटायर्ड फौजी के साथ हुई है। एक ही दिन में दादरी साइबर थाना में ठगी के चार मामले दर्ज हुए जिनमें 1.11 लाख रुपये षड्यंत्र के ठगे गए। इससे पहले पिछले छह माह में जिले में साइबर ठगी के 26 मामले दर्ज हो चुके हैं।
जानिये...किसे किस तरह लगाई हजारों की चपत
केस-1ः रिटायर्ड सैनिक ने दो ट्रांजेक्शन में महाराज समझकर डाले 40 हजार
साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में खेड़ी सनवाल निवासी रिटायर्ड सैनिक महेश कुमार ने बताया कि उसके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने उससे कहा कि महेश मैं महाराज बोल रहा हूं। मुझे 40 हजार रुपये की जरूरत है। यह सुनकर महेश ने 20-20 हजार की दो ट्रांजेक्शन मोबाइल नंबर पर कर दी। जिस नंबर पर रुपये भेजे गए उस पर देवयानी शर्मा नाम लिखा आया और उसे बाद में पता चला कि धोखाधड़ी से ये ट्रांजेक्शन करवाई गई हैं।
केस-2ः रिश्तेदार समझकर फोन-पे पर डाल दिए 34 हजार रुपयेअचीना निवासी
सुनील ने बताया कि उसके पास एक कॉल आई। उसने सोचा की ये कॉल उसके रिश्तेदार की है। कॉल करने वाले शख्स ने उससे कहा कि मेरे मोबाइल पर एक ट्रांजेक्शन नहीं हो रही है। इसके बाद उसने 9 हजार और 25 हजार की ट्रांजेक्शन कर दी। सुनील ने बताया कि वो साइबर ठग की बातों में आ गया और 34 हजार की रकम गंवा दी। बाद में उसने रिश्तेदार के पास कॉल की तो उसने उससे कहा कि रुपयों के लिए उसने कोई कॉल नहीं की।
केस-3ः फोन करने वाले को महाराज समझकर सैनिक ने खाते में डाले
19600पैंतावास कलां निवासी एवं सेना का जवान नवीन भी साइबर ठगों का शिकार बना है। नवीन ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में है और वो एक माह की छुट्टी लेकर घर आया था। उसी दौरान उसके पास कॉल आई और कॉल करने वाले शख्स ने उससे कहा कि मैं महाराज बोल रहा हूं और 20 हजार रुपये की जरूरत है। नवीन के अनुसार उसने 19600 रुपये एक नंबर पर फोन पे के जरिये डाल दिए। वो कॉल महाराज की नहीं
थी।