चरखी दादरी/बाढड़ा। दोस्तों संग खेत में बनी डिग्गी में नहाने गया सातवीं कक्षा का छात्र शुक्रवार शाम को डूब गया। परिजनों को देर शाम मामले का पता चला और किशोर का शव शनिवार सुबह करीब छह बजे डिग्गी से निकाला गया। मृतक का पोस्टमार्टम दादरी सिविल अस्पताल में कराया गया है। बाढड़ा थाना पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। जिस डिग्गी में डूबने से छात्र की मौत हुई है वह एक खेत में किसान द्वारा बनाई गई थी। मृतक अपनी मां और बहन-भाई के साथ अपने मामा के गांव लाडावास में रहा रहा था जबकि उसका पिता तोशाम के चैहड़ पहाड़ी गांव में रहता है।
जानकारी के अनुसार अंकित (12) अपनी मां निरमा के साथ दस सालों से लाडावास में ही रह रहा था। निरमा के पांच संतान थीं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे थे। अंकित की दो बहनें शादीशुदा हैं और दो भाइयों में वह छोटा था। उससे छोटी एक बहन भी है। अंकित गांव के ही एक स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर स्कूल से आने के बाद वह खाना खाकर दोस्तों संग खेलने निकल गया। इसके बाद वह अपने दो दोस्तों के साथ एक किसान के खेत में बनी डिग्गी में नहाने पहुंच गया। बताया जा रहा है कि पानी में उतरते ही अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे में पानी में डूब गया। सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों ने बताया कि खेत में किसान ने डिग्गी बागवानी की खेती के लिए बनाई थी। यह डिग्गी पक्की थी और इसमें करीब 14 फुट पानी था।
देर शाम तक जब अंकित घर नहीं पहुंचा तो उसके परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान पता चला कि अंकित के कपड़े व चप्पल डिग्गी के बाहर रखे हुए हैं। इसके बाद परिजन और अन्य ग्रामीण अंकित की तलाश के लिए मौके पर पहुंचे। इसी दौरान कुछ युवाओं ने अंकित की तलाश में डिग्गी में छलांग भी लगाई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इससे पहले मामले की सूचना बाढड़ा थाने में दी गई। सूचना मिलने के कुछ देर बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और डिग्गी का पानी निकलवाने के इंतजाम किए। शनिवार सुबह करीब छह बजे अंकित का शव डिग्गी की तलहटी से बरामद किया गया। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए दादरी सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने यहां मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए और शव का पोस्टमार्टम कराया।
हादसे के बाद डर गए दोस्त, घर जाकर नहीं किया सूचित
अंकित के साथ उसके दो दोस्त भी डिग्गी पर गए थे। जब अंकित डिग्गी में डूब गया तो वो दोनों डर गए और वहां से दौड़कर अपने घर चले गए। घर जाकर भी उन्होंने अपने या अंकित के परिजनों को घटना की जानकारी नहीं दी। देर शाम को जब अंकित के परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो एक ग्रामीण ने बताया कि डिग्गी के समीप कपड़े व चप्पल रखी हुई है। इसके बाद परिजन वहां पहुंचे तो कपड़े और चप्पल अंकित के ही मिले।
रातभर मोटर लगाकर डिग्गी से निकाला पानी
शाम करीब छह बजे अंकित के परिजन डिग्गी पर पहुंच गए थे। वहीं, मामले की सूचना मिलने पर काफी ग्रामीण भी वहां पहुंचे। डिग्गी में शाम करीब सात बजे अंकित की तलाश शुरू की गई लेकिन पानी ज्यादा होने के चलते कुछ पता नहीं चल पाया। इसके बाद मोटरों के जरिए रातभर डिग्गी से पानी निकाला गया और पानी का स्तर कम होने के बाद शनिवार सुबह दोबारा सर्च अभियान चलाया गया। सुबह करीब छह बजे 13 घंटे बाद अंकित का शव डिग्गी से बरामद कर लिया गया।
मृतक अंकित के पिता धर्मपाल के पुलिस ने बयान दर्ज किए है। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। -सोमबीर, एएसआई, जांच अधिकारी, बाढड़ा थाना