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पटवारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल, डीसी ने किया निलंबित, मुकदमा भी दर्ज

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इंतकाल की एवज में रुपये लेता पटवारी। (वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट) । - फोटो : CharkhiDadri
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जमीन के इंतकाल दर्ज करने में रिश्वत मांगने के मामले की वीडियो वायरल होने के बाद उपायुक्त ने एक पटवारी को निलंबित कर दिया। वहीं, शिकायतकर्ता ने इस मामले में पुलिस से भी पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज करने की शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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जानकारी के अनुसार शनिवार को सिटी थाना पुलिस को दी शिकायत में झोझूकलां निवासी रविंद्र ने बताया कि उसके ताऊ बिजेंद्र ने करीब दो माह पहले असावरी गांव में अपनी जमीन भाई व पत्नी को हस्तांतरित करवाई थी। जिसका इंतकाल दर्ज करवाने के लिए वो कई बार पटवारी रामअवतार से मिले। इसके बावजूद इंतकाल दर्ज करने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित फीस से 600 रुपये के मुकाबले उनसे पटवारी पांच हजार रुपये मांगने लगा। जब बिजेंद्र ने इसका विरोध किया तो पटवारी रामअवतार ने उनसे कहाकि इस रािश में अफसरों को भी रुपये देने पड़ेंगे। बीती चार जनवरी को बिजेंद्र जब पटवारी से मिला तो उसने कहा कि आप कई चक्कर काट चुके हैं । अगर इंतकाल दर्ज कराना है तो 2500 रुपये दे दो, मैं इससे एक पैसा कम नहीं लूंगा। इसके बाद बिजेंद्र ने उसी समय एक हजार रुपये और रजिस्टरी की फोटो कॉपी पटवारी को दे दी। इसके बाद आठ जनवरी को जब वो इंतकाल की पूछने गया तो पटवारी ने 1500 रुपये और ले लिए। पुलिस को दी शिकायत में रविंद्र ने बताया कि पटवारी के रुपये लेने की उसने वीडियो भी बना ली। शिकायतकर्ता के अनुसार वीडियो में पटवारी ने दोनों इंतकाल की एवज में 2500 रुपये लेने की बात भी कबूली है।
दोपहर को डीसी के पास भेजी वीडियो, शाम को पटवारी निलंबित
भ्रष्टाचार मुक्त मुहिम के तहत भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले एडवाकेट संजीव तक्षक ने शुक्रवार दोपहर ही पटवारी के निर्धारित से अधिक फीस लेने की वीडियो डीसी राजेश जोगपाल के पास भेज दी। इस पर उन्होंने संज्ञान लेते हुए शुक्रवार शाम ही पटवारी के निलंबन के आदेश जारी कर दिए। डीसी ने इस संबंध में पत्र क्रमांक 8856-58 जारी किया है।
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एक इंतकाल की फीस 300 रुपये: शिकायतकर्ता रविंद्र के एडवोकेट संजीव तक्षक ने बताया कि आवासीय और खेती योग्य जमीन की इंतकाल फीस अलग-अलग निर्धारित है। उन्हें जिस जमीन का इंतकाल करवाना था उसकी निर्धारित फीस 300 रुपये है। उन्हें दो इंतकाल करवाने थे और इस लिहाज से फीस करीब 600 रुपये बनती है लेकिन पटवारी ने 2500 रुपये उनसे ले लिए।
भ्रष्टाचार पर नहीं लग नकेल
शहर के सामाजिक संगठनों और समाजसेवी लोगों ने करीब दो माह पहले डीसी राजेश जोगपाल को सरकारी कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खेले से अवगत करवाया था। डीसी ने उन्हें भ्रष्टाचार अफसरों और कर्मचारियों पर जल्द नकेल कसने के आदेश दिए थे। इसके तहत ही डीसी ने सरल केंद्र और तहसील कार्यालयों के कर्मचारियों की नियुक्ति रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत की थी। इस प्रक्रिया से कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाला दादरी प्रदेश में पहला जिला है। इसके बाद भी भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
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शहर पुलिस ने पटवारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहतकेस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने रविंद्र की शिकायत
के आधार यह केस दर्ज कर लिया है।
एसएचओ तेलूराम शहर पुलिस थाना प्रभारी
मुझे इस संबंध में एक वीडियो मिली थी और इस पर संज्ञान लेते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया गया है। जिले में भ्रष्टाचार कतई सहन नहीं किया जाएगा।
-राजेश जोगपाल, डीसी, चरखी दादरी
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