चरखी दादरी। 9.83 करोड़ रुपये की लागत से बने 100 बेड के सिविल अस्पताल का भवन कई जगहों से क्षतिग्रस्त है। आलम ये है कि भवन के पिलरों समेत दीवारों और छत में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। अहम बात ये है कि कई पिलरों की दरारें मोटी हैं और इनके चलते कभी भी कोई हादसा हो सकता है। बावजूद इसके क्षतिग्रस्त भवन की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों का गैरजिम्मेदार रवैया कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकता है। प्रशासन को भी मामले पर संज्ञान लेकर क्षतिग्रस्त भवन की दशा सुधारने की तरफ ध्यान देना चाहिए।
बता दें कि सिविल अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य कांग्रेस राज में शुरू हुआ था। भाजपा राज में निर्माण कार्य पूरा हुआ था और 2016 में अस्पताल का नया भवन जिला स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया गया था। इसके निर्माण पर करीब 9.83 करोड़ रुपये लागत आई थी। 2017 में दादरी जिला बना और फिर यहां सीएमओ की तैनाती की गई। सीएमओ की तैनाती होने के बाद ही नया भवन ठीक से वर्किंग में आ पाया था। सात साल से यहां मरीज स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि फरवरी 2023 में अस्पताल के नए भवन में दरारें आनी शुरू हुई थीं। इसके बाद दरारों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन पीडब्ल्यूडी की ओर से इस मर्ज का उपचार नहीं किया गया। इस संबंध में संवाददाता ने जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से उठाए गए कदम का पता लगाया तो सामने आया कि फरवरी 2023 में पीडब्ल्यूडी को इस संबंध में पत्र लिख दिया गया था। इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग हर माह दो रिमाइंडर भेज रहा है। अब तक आठ रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं जबकि पीडब्ल्यूडी की टीम मौका देखने तक नहीं पहुंची है।
नए भवन में हैं ये स्वास्थ्य सेवाएं
नए भवन में इमरजेंसी कक्ष चल रहा है। इसके अलावा यहां आयुष्मान काउंटर, एक्स-रे कक्ष, जांच लैब की सुविधा है। इसके अलावा इसी भवन में सीएमओ और डिप्टी सीएमओ समेत एनएचएम स्टाफ और विभिन्न नोडल अधिकारी बैठते हैं। महिला और सामान्य वार्ड भी इसी भवन हैं। इसके अलावा आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर भी यहीं हैं।
एक हजार पार चल रही सिविल अस्पताल की ओपीडी
इन दिनों सिविल अस्पताल की ओपीडी 20 प्रतिशत बढ़ी हुई है। प्रतिदिन एक हजार से ज्यादा मरीज यहां पहुंच रहे हैं। इनमें 80 से अधिक मरीज प्रतिदिन एक्स-रे भी करवाते हैं। वहीं, प्रतिदिन इमरजेंसी कक्ष में पांच से सात केस आते हैं। ऐसे में मरीजों की संख्या के लिहाज से विभाग को क्षतिग्रस्त हो रहे भवन की तरफ ध्यान देने की जरूरत है, ताकि किसी हादसे से बचा जा सके।
पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग आमने-सामने
- पत्र लिखने के अलावा दे चुके आठ रिमाइंडर : डिप्टी सीएमओ
फरवरी 2023 से सिविल अस्पताल के भवन में दरारें आनी शुरू हुई थीं। अब तक हम पत्र लिखने के अलावा आठ रिमाइंडर भी दे चुके हैं। पीडब्ल्यूडी टीम मौका देखने फिलहाल नहीं आई है। हम जल्द ही विभाग से दोबारा संपर्क करेंगे।-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ
- मेरे संज्ञान में नहीं मामला, करवाऊंगा चेक : एक्सईएन
मेरे संज्ञान में इस तरह का मामला नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने अगर पत्राचार किया है तो इसकी अपडेट ली जाएगी। जल्द ही टीम को भवन का निरीक्षण करने के लिए भेजा जाएगा और उसके बाद ही मैं कुछ कह सकूंगा।
कृष्ण कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी