चरखी दादरी। तीन साल पहले नाबालिग भतीजी के साथ अनैतिक काम करने के दोषी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने दोषी करार दिया है। उसे 20 साल कैद और 50,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपराध को जघन्य मानते हुए सजा में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती।
पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि बाढड़ा थाने में वर्ष 2021 में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसकी पत्नी प्राइवेट जॉब करती है। उनके तीन बच्चे हैं। दोनों बेटे और एक बेटी उसके पास ही रहती है। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसके बेटे ने बताया कि बहन रो रही है। इस पर शिकायतकर्ता ने बेटी से पूछा तो उसने बताया कि चाचा उसे अपने घर ले गया। उस समय चाची खेत में गई थी। तभी चाचा ने उसके साथ अनैतिक काम किया।
पुलिस ने अभियोग दर्ज कर न्यायाधीश के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज करवाए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने अभियोग में दोनों पक्षों की सुनवाई की और आरोपी को दोषी करार देकर सजा सुनाई।
जिले के सभी थाना और चौकी प्रबंधकों समेत अनुसंधानकर्ताओं को महिला विरुद्ध अपराध और पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कोर्ट के समक्ष महत्वपूर्ण साक्ष्य रखे जिसके आधार पर दोषी को सजा दिलाने में मदद मिली। - पूजा वशिष्ठ, एसपी, चरखी दादरी।