ज्ञापन सौंपते खापों के पदाधिकारी।
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सर्वखाप पंचायत में लिए गए फैसलों संबंधी ज्ञापन सोमवार को उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा को सौंपा गया। हालांकि इससे पहले दो घंटे तक इंतजार के बाद भी उपायुक्त से मुलाकात न होने पर खाप पदाधिकारियों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने उपायुक्त का रास्ता भी रोका। इसके बाद उपायुक्त ने अपने कार्यालय में उनसे मुलाकात की। खाप पदाधिकारियों ने जिले में लोकल रूटों पर चलने वालीं बसें बंद कराने और स्थिति सामान्य होने तक सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थान न खोलने की मांग की।
फौगाट खाप सचिव सुरेश ने बताया कि जिले की सर्वखाप के पदाधिकारियों की पंचायत बाबा स्वामी दयाल धाम पर बलवंत सिंह फौगाट की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी। इसमें कोरोना महामारी को रोकने के लिए सभी पदाधिकारियों ने अपने-विचार रखे थे। उनके सुझावों संबंधी ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया गया था। उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में बताया कि लगभग प्रतिदिन 300 से अधिक हरियाणा में पॉजिटिव केस मिल रहे हैं जो चिंता का विषय है। जिला चरखी दादरी में भी कोरोना की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसके बावजूद शासन और प्रशासन पर्दे के पीछे चला गया है और सारी जिम्मेवारी जनता पर ही थोप दी गई है। मास्क पहनने और दो गज की उचित दूरी बनाने की गाइडलाइन मजाक बनकर रह गई है। उन्होंने जिले के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन गैस, सिलिंडर, वेंटिलेटर व मेडिकल स्टाफ का पूरा प्रबंध करने की मांग की गई। इस मौके पर सांगवान खाप सचिव नरसिंह डीपीई, रामसिंह बलकरा, धर्मपाल महराणा, फौगाट खाप प्रधान बलवंत फौगाट, प्रभुराम गोदारा, राजबीर शास्त्री, ओमप्रकाश कलकल, एडवोकेट गिरेंद्र फौगाट व फौगाट खाप प्रवक्ता शमशेर सिंह मौजूद रहे।
उपायुक्त को नहीं दिया मैसेज
खाप पदाधिकारियों के इंतजार के बावजूद भी मुलाकात न होने की बात उपायुक्त के सामने रखी गई। खाप पदाधिकारियों ने बताया कि उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारियों के जरिए उन्होंने मैसेज उपायुक्त तक भेजा था। उपायुक्त ने उन्हें बताया कि कर्मचारी ने उन्हें खाप पदाधिकारी बाहर होने की जानकारी नहीं दी।