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रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने को आयुष विभाग की सलाह

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कोविड-19 महामारी के प्रकोप से पूरे विश्व में मानव जाति पीड़ित है। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी लोग अपनी पूरी मेहनत से इस महामारी को हराने में लगे हुए है। ऐसे में आयुष विभाग भी प्रत्येक स्तर पर इस संकट से निपटने में मुस्तैद है। दादरी के आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुनील जांगड़ा ने बताया कि हम सभी जानते है कि नोवल कोरोना वायरस से होने वाली कोविड-19 बीमारी के लिए कोई वैक्सीन अथवा दवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में खांसने, छींकने के सही तरीके अपनाना, बार-बार हाथ धोना तथा आपस में दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
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आयुष विभाग के अंतर्गत कार्य कर रहे चिकित्सक लोगों को न केवल इन सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण नियमों का पालन करने के लिए जागरूक कर रहे हैं बल्कि इनके साथ ही आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी भी दे रहें हैं। डॉ. सुनील जांगड़ा ने बताया कि मानव शरीर में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पूरा दिन गर्म पानी पिएं। प्रतिदिन आधा घंटा योगासन, प्राणायाम व ध्यान करें। हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का नियमित रूप से भोजन में प्रयोग करें। दूध के साथ च्यवनप्राश रोजाना ले सकते हैं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्घि होती है।
एक गिलास गर्म दूध में हल्दी पाउडर डालकर करें सेवन
डॉ. जांगड़ा ने बताया कि तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ व मुनक्का से बनी हर्बल चाय या काढ़ा दिन में दो बार ले सकते हैं। इसमें स्वादानुसार नींबू का रस या गुड़ मिलाया जा सकता है। एक गिलास दूध को गर्म करके आधा चम्मच हल्दी का चूर्ण दिन में एक या दो बार ले सकते है। तिल या नारियल तेल को मुंह में लेकर तीन मिनट तक घुमाकर कुल्ले की तरह थूक दें। बाद में गर्म पानी से कुल्ला कर लें।
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गले में खराश होने पर पुदीने के पत्तों की लें भांप
इनके अतिरिक्त खांसी या गले में खराश होने पर दिन में कम से कम एक बार पुदीने के पत्ते या अजवायन डालकर पानी की भाप लें। लौंग के चूर्ण में गुड़ या शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार लें। गले में खुश्की के लिए चंदनासव का सेवन किया जा सकता है।
इन गांवों में स्क्रीनिंग कर रहा आयुष विभाग
डॉ. सतीश भोला ने बताया कि आयुष विभाग के चिकित्सक, डिस्पैंसर को मास्टर ट्रेनर के माध्यम से व ऑनलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से कोविड-19 संबंधी सभी जरूरी जानकारी दी जा रही है। नैशनल हैल्थ मिशन के अन्र्तगत कार्यरत आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सक सिविल सर्जन द्वारा गठित टीमों में फ्रंटलाईन वर्कर के तौर पर कोविड-19 से लड़ाई में जुटे हुए हैं। जिला के हिंडोल, सांवड़, सौंफ, कासनी, सांकरोड आदि गांवों में मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
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