उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने जिला के हिंडोल गांव में कोरोना का पहला मामला आते ही आसपास के चार गांवों को कंटेनमेंट और तीन गांव बफर जोन घोषित कर इन गांवों की सीमाएं सील कर दी हैं। उपायुक्त ने ये आदेश जिला में कोरोना के फैलाव को रोकने और संक्रमण पर नियंत्रण रखने के लिए दिए हैं।
उपायुक्त के अनुसार अभी तक जिले में एक व्यक्ति को कोरोना की पुष्टि हुई है, जो जिला के हिंडोल गांव का है। प्रशासन ने गत शुक्रवार को ही एहतियात के तौर पर इस व्यक्ति को परिवार सहित अस्पताल के आइसोलेशन में रखा गया था और इनके सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए थे। सुबह आई टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार व्यक्ति को कोरोना की पुष्टि हुई है। उपायुक्त द्वारा जारी आदेशों के अनुसार जिला के कंटेनमेंट व बफरजोन में होने वाली आवश्यक गतिविधियों के लिए एसडीएम संदीप अग्रवाल ओवरऑल मजिस्ट्रेट होंगे।
ये गांव हैं प्रतिबंधित
हिंडोल सहित तीन किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले सांवड, फौगाट व सांजरवास गांव कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिए गए हैं। साथ ही हिंडोल गांव के 7 किलोमीटर दायरे में आने वाले सौंफ, कासनी व सांकरोड गांव को बफर जोन घोषित कर दिया गया है। इन गांवों में किसी भी व्यक्ति के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा।
गांवों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात
इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है जिनमें राकवमावि झोझू के प्राचार्य राज सिंह और रावमावि के प्राचार्य ओम प्रकाश शामिल हैं।
16 टीमें करेंगी स्क्रैनिंग
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को कंटेनमेंट व बफर जोन में शामिल सभी गांवों को पूरी तरह से सैनिटाइज कराने के निर्देश दिए। कंटेनमेंट जोन में घर-घर स्क्रीनिंग व थर्मल स्कैनिंग के लिए आशा व एएनएम की 16 टीम गठित करने के आदेश भी जारी किए। पचास घरों पर एक टीम काम करेगी इनके सुपरविजन के लिए पांच आंगनबाड़ी सुपरवाइजर व दो सीडीपीओ भी नियुक्त की गई है। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकोल के अनुसार विभागवार कार्य निर्धारित कर दिए है। इन आदेशों का उल्लंघन या लापरवाही करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 56 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चरखी दादरी में मशीन से दवा का छिड़काव किया गया।- फोटो : CharkhiDadri