फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हजारों श्रमिकों ने किया पलायन, जगह-जगह बन रहे रैन बसेरे

विज्ञापन
चरखी दादरी से कॉलेज रोड से गुजरते श्रमिक। - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
जिला से प्रवासी मजदूरों का अपने घर लौटने का सिलसिला जारी है। लॉकडाउन की वजह से इन मजदूरों का काम-धंधा बंद होने पर अपने घरों को लौट रहे हैं। रोडवेज जीएम धनराज कुंडू के मुताबिक हरियाणा रोडवेज की 1700 बसें प्रदेश में फंसे प्रवासी श्रमिकों को आनंद विहार तक छोड़ने के काम में लगी लगाई गई हैं। इसके लिए चरखी दादरी और नारनौल डिपो को स्टैंड बाइ रहने के निर्देश मिले हैं।
विज्ञापन

जिला की अरावली की पहाड़ियों में हजारों की संख्या में प्रवासी श्रमिक काम करते हैं। ये मजदूर इन पहाड़ों में पत्थर तोड़ने व क्रशर मशीन पर काम करते हैं। इन श्रमिकों में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ के श्रमिक सबसे ज्यादा होते हैं। इसके अलावा भवन निर्माण, मिल व फैक्ट्रियों में भी इन राज्यों से हजारों श्रमिक काम करते हैं। अब कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लागू करने पर इन श्रमिकों का काम धंधा ठप हो गया। ऐसे में चरखी समेत दूसरे जिलों से भी भारी संख्या में मजदूर अब अपने घरों को लौटने लगे हैं। खाली जेब और खाली पेट ये श्रमिक पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने परिवार की महिलाओं और छोटे-छोटे बच्चों के साथ जाने को मजबूर हैं। शहर से महेंद्रगढ़ रोड, भिवानी रोड, रोहतक रोड, लोहारू रोड, दिल्ली रोड पर पैदल जा रहे इन श्रमिकों की कतारें लगी हुई है। ये सभी मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर दिल्ली के आनंद विहार पहुंच रहे हैं।
काम बंद, अब खाने का संकट, गुजारा कैसे होगा
शहर के बाढड़ा रोड से गुजर रहे आगरा निवासी मिस्त्री देवीराम, डबर, रामरतन, इंद्रपाल, छतरपाल, कमला और लोकेश ने बताया कि वे भवन निर्माण का काम करते थे लेकिन अब काम बंद हो गया है। उनके समक्ष आजीविका का संकट बढ़ गया है। इसलिए वे अपने प्रदेश में जा रहे हैं। इसी प्रकार कनीना रोड पर मिल में काम करने वाले कन्नौज निवासी मजदूर गोपाल, सतबीर, अजय, तुहार, मनोज और रामरतन ने बताया कि वे मिल में काम कर रहे थे अब काम बंद होने पर उन्हें अपने घर जाना पड़ रहा है। इतने लंबे समय तक उनका यहां गुजारा नहीं हो सकता।
विज्ञापन

17 घंटे बाद हुए भोजन के दर्शन
महेंद्रगढ़ रोड होते हुए सहारनपुर जा रहे श्रमिक मुस्तकीन, फरमान, रहमान, शाहरूख, शादीक, साहिल व सावेत ने बताया कि वे महेंद्रगढ़ सिक्स लेन सड़क निर्माण के कार्य में जुटे थे अब काम बंद होने पर उनका गुजारा नहीं हो पा रहा है इसलिए वे अपने गांव जाने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि रविवार पौने 12 बजे चरखी दादरी शहर में पहुंचने पर करीब 17 घंटे बाद उन्हें भोजन मिला।
बस स्टैंड का गेट खुलते ही अंदर घुसे प्रवासी श्रमिक
चरखी दादरी। लॉकडाउन के छठे दिन चरखी दादरी रोडवेज डिपो को स्टैंड बाय (बसें भेजने के लिए तैयार रहने) के आदेश मिलने पर बस स्टैंड का गेट खोला गया। इसी दौरान प्रवासी श्रमिक बस स्टैंड के अंदर घुस गए। इसकी जानकारी मिलते ही एसडीएम संदीप अग्रवाल वहां पहुंचे और पुलिस फोर्स की मदद से बस स्टैंड परिसर के अंदर पहुंचे प्रवासी श्रमिकों को बाहर निकाला। उन्होंने रोडवेज अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं रोडवेज के जीएम मालूम हो कि 1700 बसें हरियाणा रोडवेज प्रवासी मजदूरों को भेजेगा। वहीं, रोडवेज जीएम धनराज कुंडू के मुताबिक हरियाणा रोडवेज की 1700 बसें प्रदेश में फंसे प्रवासी श्रमिकों को आनंद विहार तक छोड़ने के काम में लगी लगाई गई हैं। इसके लिए चरखी दादरी और नारनौल डिपो को स्टैंड बाइ रहने के निर्देश मिले हैं।
दावा: प्रवासी श्रमिकों के लिए 12 शेल्टर होम
चरखी दादरी। दादरी में प्रवासी मजदूरों के लिए 12 शेल्टर होम बनाए गए हैं। इन अस्थाई रैन बसेरों में प्रवासी श्रमिक पैदल घूमने की बजाय भोजन और विश्राम कर सकते हैं। ये शेल्टर होम उत्सव वाटिका भिवानी रोड, परसराम हेतराम स्कूल, सरस्वती वाटिका चंपापुरी, शंकर वाटिका तिकोना पार्क, आदर्श पब्लिक स्कूल प्रेमनगर, वाल्मिकी नगर सामुदायिक भवन, रासीवासिया धर्मशाला पुरानी अनाजमंडी के नजदीक, बौंदकलां बस स्टैंड पर धर्मशाला भवन, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भवन मोरवाला, लोहारु रोड पर गांव बिरहीं कलां स्थित डाइट की बिल्डिंग एवं राजकीय विद्यालय गांव मौड़ी का भवन शामिल है। नगरपरिषद ने अपने आधा दर्जन अस्थाई रैन बसेरों में बेसहारा लोगों के ठहरने व भोजन का प्रबंध किया हुआ है। इस बारे में नगरपरिषद ने अपना हेल्पलाइन नंबर 01250-220056 भी जारी किया है। नगरपरिषद ने 500 राशन की किटें तैयार करवाई हैं। ये जरूरतमंद परिवारों की दी जाएंगी। उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने बताया कि खनन अधिकारी आरएस ठाकरान ने क्रेशर जोन में प्रवासी मजदूरों के लिए राशन की व्यवस्था करवाई है, जिसमें क्रेशर एसोसिएशन का सक्रिय योगदान रहा है। उन्होंने जिला के नागरिकों से लॉक डाउन में प्रशासन को सहयोग देने का आह्वान किया है, जिससे कि कोरोना वायरस के संक्रमण से सभी का बचाव रहे।

चरखी दादरी रोडवेज बस अड़डे पर जुटे प्रवासी श्रमिक। - फोटो : CharkhiDadri

चरखी दादरी में झज्जर घाटी से गुजरते श्रमिक।- फोटो : CharkhiDadri

चरखी दादरी बस स्टैंड पर पहुंचे श्रमिकों को बाहर जाने के निर्देश देते दादरी एसडीएम संदीप अग्रवाल?- फोटो : CharkhiDadri

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें