चरखी दादरी में हिसार से राजस्थान पैदल जा रहे श्रमिकों से बातचीत करते डीसी और एसपी। संवाद
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कोरोना वायरस के लिए लॉकडाउन के मद्देनजर दूसरे राज्यों के प्रवासी मजदूर यातायात साधन बंद होने की वजह से पैदल ही अपने घर जा रहे है। हिसार से राजस्थान के दौसा तक जा रहे ऐसे ही 17 मजदूरों को चरखी दादरी पहुंचने पर जिला प्रशासन ने रैन बसेरे में ठहराया। उनको भोजन कराकर नारनौल में राजस्थान बार्डर तक पहुंचाने का भी इंतजाम किया।
दोनों शहरों से पैदल ही ये श्रमिक राजस्थान के गांव दौसा जाने के लिए निकल पड़े। 12 श्रमिक 155 किलोमीटी और पांच श्रमिक 100 किलोमीटर की दूरी तय कर वीरवार देर शाम पैदल चरखी दादरी शहर पहुंचे। उन पर डीसी श्यामलाल पूनिया और एसपी बलवान सिंह राणा की नजर पड़ गई। दोनों अधिकारियों ने मानवीयता की मिशाल पेश करते हुए उन श्रमिकों के पास अपनी गाड़ियां रोकीं। डीसी और एसपी से बातचीत में श्रमिकों ने बताया कि वो राजस्थान के दौसा से कैथल और हिसार की लोहामंडी में काम करने आए थे। ठेकेदार ने उनसे पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में ये सभी दो दिन पहले पैदल ही राजस्थान के लिए चल पड़े। पास में जो थोड़ा बहुत पैसा था, वह खत्म हो गया।उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने फौरन दादरी तहसीलदार अजय सैनी व नायब तहसीलदार सतपाल सिंह को निर्देश दिए कि इनके ठहरने का प्रबंध किया जाए।