बाढड़ा। राज गैस एजेंसी में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। एजेंसी प्रबंधक नीलम देवी व मैनेजर उदयभान सांगवान ने शिविर में विविध जानकारी दी। मैनेजर उदयभान ने बताया कि पुराने लोहे के रसोई गैस सिलिंडर का खाली वजन करीब 15 किलोग्राम होता था। अब आधुनिक तकनीक के नए कंपोजिट सिलिंडर का वजन आधा हो गया है। वजन कम होने से घर की रसोई में एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होगा। गैस खत्म होने पर भी आसानी से उठाया जा सकेगा। उपभोक्ताओं को संदेश रहता था कि सिलिंडर कब खत्म होगा इसका अंदाजा नहीं लग पाता था। उन्होंने कहा कि हाइन कंपोजिट सिलिंडर का एक हिस्सा पारदर्शी है जिससे रोशनी में देखकर गैस स्तर स्पष्ट दिखाई देता है। इससे अचानक गैस खत्म होने की परेशानी से भी छुटकारा मिलेगा। लोहे के सिलिंडर के आग लगने पर फटने का खतरा बना रहता था, जबकि फाइबर स्लैम व पॉलीमर से बना यह सिलिंडर आग लगने पर फटता नहीं, बल्कि धीरे-धीरे पिंघलता है, जो घर की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि 30 रुपये की सुरक्षा राशि देकर नया कंपोजिट सिलिंडर प्राप्त कर सकते हैं।