संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की नियमावली में सूखा, भूकंप, बाढ़, ओलावृष्टि, बिजली शार्ट-शर्किट, आग, ठंड प्रकोप, गर्मी प्रकोप, भू-स्खलन, बादल फटना व फसल महामारी से खराब हुई फसल के मुआवजे के तहत 24 प्रतिशत तक किसान को एक पैसा भी नहीं मिलेगा। 25 से 33 प्रतिशत नुकसान होने पर गेहूं, धान, कपास व गन्ना की फसल के प्रति एकत्र 9000 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा का प्रावधान है। इसी प्रकार, सरसों व अन्य फसल के लिए 7000 प्रति एकड़ मुआवजा देने का प्रावधान है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सन 2022 में मुआवजा के ये नियम एवं उपनियम निर्धारित किए गए हैं। इस नियमावली के तहत ही किसान को मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार, 33 से 50 प्रतिशत के बीच नुकसान होने पर भी 9000 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने का प्रावधान है। गेहूं, धान, गन्ना व कपास में 50 सेे 75 प्रतिशत नुकसान होने पर 12,000 हजार रुपये मुआवजे का प्रावधान है।
50 से 75 प्रतिशत नुकसान सरसों व अन्य फसल में नुकसान होने पर 9000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा का प्रावधान नियमावली में किया गया है। इसी प्रकार, गेहूं, धान, गन्ना व कपास में 75 से 100 प्रतिशत नुकसान होने पर 15,000 हजार रुपये और सरसों व अन्य फसल में नुकसान होने पर 12,500 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने का प्रावधान है।
इसी तरह, सिंचित क्षेत्र में इन सभी फसलों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान होने पर 7000 व बरानी क्षेत्र के लिए 3500 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने का प्रावधान है।