गांव रामबास में धरनारत किसानों से चर्चा करते कंपनी के अधिकारी।
बाढड़ा। हाईटेंशन लाइन के लिए लगाए जा रहे टावरों का उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर ग्रामीणों का रामबास और बड़राई में धरना शनिवार को भी जारी रहा। वहीं, टावर लगाने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों ने रामबास स्थित धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की। दोनों प्रतिनिधि मुंबई स्थित हेडक्वार्टर से बाढड़ा क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने किसानों को उनकी मांगों का समाधान करवाने का विश्वास दिलााया।
रामबास में किसान नेता पहलवान विरेंद्र बडराई की अध्यक्षता में 63वें दिन भी ग्रामीणों ने धरना दिया। शनिवार को सर्व कर्मचारी संघ अध्यक्ष कृष्ण कुमार, पार्षद प्रत्याशी विकास जटराणा समेत अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों समेत पंचायत प्रतिनिधि धरनास्थल पर समर्थन देने पहुंचे। वहीं, वक्ताओं ने इस मामले में सरकार और कंपनी अधिकारियों पर हठर्मिता अपनाने का आरोप लगाते हुए रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक नैना चौटाला व एसडीएम विरेंद्र सिंह पर पर किसानों को झूठा आश्वासन देने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि विधायक नैना चौटाला समस्या का समाधान करने का भरोसा देकर गई थीं, लेकिन अब तक मामला उलझा हुआ है और किसान परेशान हैं। वहीं, शनिवार को टाटा पावर कंपनी के नेशनल हेडक्वार्टर मुंबई से संदीप महाबले व शशांक ताकवले किसानों के बीच पहुंचे। लगभग एक घंटे तक उनकी प्रदर्शनकारी खेमे से बातचीत हुई और अंत में किसानों से शांति बरतने की अपील की। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस परियोजना पर काम तय समय में पूरा करना जरूरी है। यहां मिले इनपुट को जल्द ही प्रबंधन बोर्ड के समक्ष रखकर समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
एसडीएम के आदेश पर कमेटी ने बड़राई में दस्तावेज किए एकत्रित
एसडीएम के निर्देश पर बिजली कंपनी कर्मचारियों ने गांव बड़राई, गोपालवास व नावां के प्रभावित रकबे वाले किसानों के पैमाइश के बाद शनिवार को दस्तावेज एकत्रित किए। कंपनी कर्मचारियों ने कहा कि बड़राई में धरने पर बैठे किसानों व सभी पक्षों की संयुक्त बैठक के फैसले के आधार पर अब किसानों की सहमति से मुआवजा रिपोर्ट तैयार करने पर काम चल रहा है। पंच योगेंद्र सिंह ने कहा कि जब तक किसानों को समान रूप से मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक उनका धरना जारी रहेगा।