चुनावी मुद्दा:
10 से अधिक कॉलोनियों के लोग मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते 5,000 से अधिक लोग परेशान, विधानसभा चुनाव में यह उनके लिए बड़ा मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। विधानसभा चुनाव में हलके के हर वार्ड और गांव का अपना मुद्दा है। दूसरी ओर शहर के बाहरी क्षेत्र में बसी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की बात करें तो मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर करवाना ही सबसे पहला मुद्दा है। यह मांग उनकी कॉलोनी वैध होने के बाद ही सिरे चढ़ेगी। शहर में ऐसी एक-दो नहीं बल्कि दस से अधिक कॉलोनियां हैं।
शहर में कई कॉलोनियां साढ़े तीन दशक से आबाद हैं। आज तक इन्हें वैध का दर्जा मिलने का इंतजार है। कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को सुविधा का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। इन कॉलोनियों में आज तक कच्ची गलियां हैं। इससे लोग परेशान हैं। नगर परिषद की ओर से कई बार प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है। अब तक इनकी सुध नहीं ली जा सकी है। इस चुनाव में यह भी मुद्दा रहेगा।
दरअसल, चरखी दादरी को नगर पालिका से नगर परिषद का दर्जा मिलने के बाद सीमा यानी नगर परिषद का दायरा नहीं बढ़ाया गया है। यही वजह रही कि कॉलोनियों में नगर परिषद की ओर से सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जा रही हैं।
बारिश के मौसम में इस क्षेत्र की हालत और खराब हो जाती है। स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से गलियों में अंधेरा छाया रहता है। रात के समय चोरी व अन्य आपराधिक घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। सीवर लाइनें नहीं बिछाए जाने से दूषित पानी गलियों में भरा रहता है। सरकार का नियम है कि बिना सीवर लाइन बिछाए सड़क का निर्माण नहीं किया जा सकता। ऐसे में इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
- शहर के चारों हिस्सों में आबाद हैं कॉलोनियां
शहर के चारों हिस्सों में कॉलोनियां आबाद हैं। कॉलोनियों में रहने वाले लोग अपने क्षेत्र को वैध करने की आवाज समय-समय पर उठाते आ रहे हैं। लेकिन, अब तक इंतजार बरकरार है। इन कॉलोनियों के लोगों का कहना है कि प्रत्याशी अगर वोट की अपील करने आए तो सबसे पहले कॉलोनी को वैध करवाने की मांग उनके समक्ष रखेंगे।
- इन कॉलोनियाें को वैधता मिलने का इंतजार
रोहतक रोड क्षेत्र, दिल्ली बाईपास स्थित आबादी, ढाणी रोड क्षेत्र, घिकाड़ा रोड क्षेत्र का कुछ भाग, महेंद्रगढ़ रोड क्षेत्र की आबादी सहित करीब 10 ऐसे क्षेत्र हैं, जो वैध होने के इंतजार में हैं। इनमें मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की जरूरत है। यहां कई वर्षों से लोग मकान बनाकर रहते आ रहे हैं। गलियां कच्ची होने से आवागमन में दिक्कत हो रही है।
लोग बोले : मूलभूत सुविधाओं की कमी से हो रही परेशानी
पूर्व सैनिक जयसिंह, रामबीर, नरेंद्र, मनोहर, धर्मबीर, जयसिंह, विजय फोगाट व दीवान सिंह आदि का कहना है कि कॉलोनी वैध नहीं होने से सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कॉलोनी को वैध नहीं किया गया है। सुविधाओं की कमी के चलते प्रतिदिन परेशानियों से दो-चार हो रहे हैं। उनकी कॉलोनी करीब 35 साल से आबाद है और शहर से बिल्कुल सटी है।
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चरखी दादरी शहर का दृश्य। संवाद
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शहर से सटी अवैध कॉलोनी की कच्ची गली। संवाद