चरखी दादरी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने गांव समसपुर में संचालित एक निजी उपचार केंद्र पर सोमवार को दबिश देकर बगैर वैध दस्तावेजों के एलोपैथिक प्रैक्टिस करते हुए एक व्यक्ति को काबू किया है। टीम में शामिल स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल ऑफिसर की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को गांव समसपुर स्थित एक निजी प्राइमरी उपचार केंद्र में दबिश दी। टीम में जिला नागरिक अस्पताल से चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान शर्मा और ड्रग्स कंट्रोल अधिकारी सुरेंद्र कुमार भी शामिल रहे। टीम में शामिल एसआई मुकेश कुमार मरीज बनकर क्लीनिक में गए। वहां मौजूद नरेश कुमार नामक व्यक्ति ने खुद को चिकित्सक बताते हुए उपचार शुरू कर दिया। इसके बाद टीम ने उक्त व्यक्ति से जब चिकित्सकीय अभ्यास से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट-2019 के तहत आवश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। व्यक्ति ने केवल सीएमएस कोर्स और सामुदायिक स्वास्थ्य से संबंधित कुछ प्रमाण पत्र दिखाए जो एलोपैथिक प्रैक्टिस के लिए पर्याप्त नहीं थे।
निरीक्षण के दौरान टीम को वहां से बीपी एपरेटस, ग्लूकोमीटर, स्टेथोस्कोप, नेबुलाइजर सहित दवाइयां, सीरिंज, टूटी हुई कांच की शीशियां भी बरामद हुईं। टीम में शामिल डॉ. उदयभान शर्मा की शिकायत के आधार पर दादरी सदर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।