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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने मारा छापा, बिना डिग्री और लाइसेंस के चल रहा था अस्पताल

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कस्बे के सतनाली रोड पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने दबिश देकर बिना डिग्री और लाइसेंस के चलाए जा रहे अस्पताल का पर्दाफाश किया है। बाढड़ा एमओ की शिकायत पर पुलिस ने इस संबंध में दो नामजद आरोपियों पर केस दर्ज किया है। दबिश के दौरान चिकित्सक की कुर्सी पर बैठे शख्स ने हिसार निवासी एक चिकित्सक के दस्तावेज टीम के समक्ष प्रस्तुत किए। टीम ने इन्हें जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता में शामिल रोहतक से एसआई अनूप सिंह, एसआई कर्मबीर सिंह ने गुप्त सूचना के आधार पर बाढड़ा स्थित निजी अस्पताल में औचक छापा मारा। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि बिना लाइसेंस के ही यह अस्पताल चलाया जा रहा है। अस्पताल के संचालक के पास चिकित्सक की डिग्री भी नहीं है। पुलिस को दी शिकायत में मेडिकल ऑफिसर भूपेंद्र ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के साथ जब अस्पताल में टीम पहुंची तो चिकित्सक की कुर्सी पर एक शख्स बैठा मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम अशोक कुमार बताया। टीम ने जब उससे डिग्री और अस्पताल चलाने का लाइसेंस मांगा तो उसने टीम को एक फोटोकॉपी दी, जो हिसार के सैनियान मोहल्ला वासी डॉ. हरीश की थी। इसके अलावा अशोक ने आयुर्वेदिक कॉलेज के तृतीय वर्ष के दस्तावेज की फोटोकॉपी भी टीम के समक्ष पेश की। डॉक्टर भूपेंद्र के अनुसार अशोक ने बताया कि डॉ. हरीश हिसार में रहता है और बुलाने पर ही यहां आता है। उसके नाम से रजिस्ट्रेशन करवाकर वह अस्पताल चला रहा है। टीम ने यहां रखीं दवाओं को सील कर दिया और हिसार निवासी हरीश और हंसावास खुर्द निवासी अशोक के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। बाढड़ा थाना पुलिस ने इस संबंध में संचालक के खिलाफ धारा 420, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 की धारा 15 व 25 और इंडियन मेडिकल डिग्री एक्ट की धारा 6-ए (1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एमओ की शिकायत पर इस संबंध में दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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- वीर सिंह, बाढड़ा थाना प्रभारी
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