बाढड़ा। प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि बाढड़ा के पड़ोसी गांव खरकड़ी ढिगावा में महाराणा प्रताप बागवानी अनुसंधान केंद्र बनना लोहारु व बाढड़ा ही नहीं, बल्कि समस्त दक्षिणी क्षेत्र के किसानों के भविष्य की तकदीर बदलने का काम करेगा। इससे मिलने वाली रिसर्च सुविधाएं व रोजगार इलाके की खुशहाली में मील का पत्थर साबित होगा। कृषि मंत्री शुक्रवार को कस्बे के कैनाल विश्राम गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करने पहुंचे थे। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में पहुंचने का न्योता दिया।
उन्होंने बताया कि सीएम मनोहर लाल के अलावा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, विधायक सोमबीर सांगवान समेत अनेक मंत्री व सांसद इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह अनुसंधान केंद्र 120 एकड़ में बनेगा जिसके लिए 50 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां बेर, आंवला, अनार, नींबू, लसोड़ा, खजूर, टींट, प्याज, बेल वाली फसलें, खीरा, आलू आदि सब्जियों के उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। इनके अलावा लहसुन, हल्दी, मिर्च, जीरा, धनिया, मेथी आदि की भी इस क्षेत्र में अच्छी पैदावार ली जा सकती है। यह फसलें कम उपजाऊ भूमि पर उगाई जाती हैं। इनमें सूखा, कम पोषक तत्व और उच्च तापमान को सहन करने की क्षमता होती है। किसान यहां से तकनीकी ज्ञान लेकर अपनी आय को दोगुनी कर सकेंगे। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे व बीज उपलब्ध होंगे।
इस अवसर पर भल्लेराम बाढड़ा, राजेंद्र शर्मा कारी, एसडीएम डॉ. संजय कुमार, मंगल गोपी, व्यापार मंडल अध्यक्ष संदीप सिंटी, बलजीत हंसावास, विनोद मांढ़ी, सपना सैन, कृषि अधिकारी रतन सिंह, सुशील शर्मा, नीतिन खंडेलवाल, पूर्व चेयरमैन चंद्रपाल सांगवान मौजूद रहे।