नगर परिषद कार्यालय चरखी दादरी में प्रेसवार्ता करते पार्षद।
चरखी दादरी। स्वच्छता रैंकिंग में दादरी नगर परिषद का परिणाम इस बार खासा निराशाजनक रहा। राष्ट्रीय स्तर पर मिली 1863वीं और राज्य स्तर पर मिली 18वीं रैंक से शहर के ज्यादातर पार्षद संतुष्ट नहीं हैं। शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय परिसर में 8 पार्षदों ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने खुलकर कहा कि वार्डाें की सफाई व्यवस्था के नाम पर जमकर भेदभाव हो रहा है और ये ही कारण है कि शहर में सफाई व्यवस्था कचरा है।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पार्षद लामबंद हुए और भू-तल स्थित एक कार्यालय में उन्होंने प्रेसवार्ता भी की। पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि वो शहर में मौजूद सफाई व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। पार्षद सुधीर स्वामी और पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी ने कहा कि सफाई व्यवस्था के संबंध में वो चेयरमैन, ईओ, उपायुक्त और नगर आयुक्त कार्यालय समेत कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन फिर भी व्यवस्था जस की तस है।
पार्षदों ने चुटकी लेते हुए कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में शहर की सच्चाई सबके सामने आ गई। चुटीले अंदाज में कहा कि ये सब उसकी ''मेहरबानी'' है। उनका इशारा चेयरमैन बक्शीराम सैनी की तरफ था। भाजपा समर्थित पार्षद नवीन ने कहा कि चेयरमैन पक्षपात कर भाजपा का ग्राफ नीचे ला रहे हैं। उन्होंने कचरा उठान कार्य के टेंडर में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। स्पष्ट कहा कि ये टेंडर रद्द होना चाहिए वरना हालात इससे भी बुरे बन जाएंगे। इन आठ पार्षदों ने दावा किया कि प्रेसवार्ता में चार साथी पार्षद जय सिंह लांबा, मनोज वर्मा, विनोद सिंघमार और पार्षद प्रतिनिधि जीतू किन्हीं निजी कारणों के कारण प्रेसवार्ता में नहीं पहुंच पाए जबकि वो भी आठों पार्षदों की बातों के समर्थन में हैं।
- ये पार्षद रहे मौजूद
प्रेसवार्ता में नवीन प्रजापति, सतबीर चौहान, सुधीर स्वामी, नवीन बिंदल, अजय सांगवान समेत पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया, सत्यवान पहल व विरेंद्र सांगवान उपस्थित रहे।