संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सिविल सर्विसेज राष्ट्रसेवा का मौका देती है। इसके जरिये देश की उन्नति और विकास में योगदान दे सकते हैं। सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुटे युवा अगर पूरी लग्न, मेहनत और समय का सदुपयोग कर तैयारी करें तो यकीनन सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यह कहना है जिले की उपायुक्त प्रीति और पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत का।
सिविल सर्विसेज-डे पर अपने अनुभव साझा करते हुए उपायुक्त प्रीति ने कहा कि यह दिन गर्व के साथ कर्तव्य की अनुभूति कराता है। उनका प्रयास रहता है कि सभी योजनाओं का लाभ पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़े लोगों तक पहुंचे। वहीं, पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत ने कहा कि मेहनत के बलबूते उन्होंने आईपीएस तक का सफर तय किया। सिविल सर्विसेज में आने की उनकी तमन्ना थी।
- एमबीबीएस भी हैं आईपीएस नितिका गहलोत
दादरी एसपी नितिका गहलोत 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। वो एमबीबीएस डॉक्टर भी हैं। आईपीएस से पहले आईआरएस में बतौर कस्टम ऑफिसर उन्होंने एक साल तक सेवाएं दी हैं। नितिका गहलोत का कहना है कि बेटियां आसानी से कोई भी मुकाम हासिल कर सकती हैं। उनकी सफलता भी समाज की सोच बदलने का काम करती हैं। नितिका गहलोत का कहना है कि वो ड्यूटी के साथ घर भी बखूबी संभाल रही हैं।
-2015 बैच की आईएएस अधिकारी हैं प्रीति
आईएएस प्रीति ने अगस्त 2022 में दादरी उपायुक्त की जिम्मेदारी संभाली थी और तब से ही वो जिले में अपनी सेवाएं दे रही हैं। प्रीति 2015 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। दादरी में उपायुक्त रहने से पहले वो पानीपत, भिवानी, अंबाला और कुरुक्षेत्र में बतौर अतिरिक्त उपायुक्त अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उनका कहना है कि प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी के लिए सिविल सर्विसेज डे का महत्व है। यह दिन गर्व के साथ कर्तव्य का निर्वहन कराने की याद दिलाता है।
उपायुक्त प्रीति।