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Charkhi Dadri News: सिविल अस्पताल को 28 साल बाद मिला बाल रोग विशेषज्ञ, पहले दिन 30 ओपीडी

Fri, 19 May 2023 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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सिविल अस्पताल जहां बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई है।
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चरखी दादरी। 28 साल बाद दादरी सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई है। शुक्रवार को डॉ. सुमित कटारिया ने सिविल अस्पताल में बतौर बाल रोग विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। पहले ही दिन उन्होंने 30 ओपीडी देखी। वहीं, दादरी जिले में बाल रोग विशेषज्ञ की कमी दूर होना राहत की बात है।
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बता दें कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 में दादरी को जिला घोषित किया था। वहीं, वर्ष 2018 में दादरी स्वास्थ्य विभाग भिवानी से अलग हुआ। इसके बाद से ही बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए जिला स्वास्थ्य की ओर से मुख्यालय डिमांड भेजी जा रही थी। 2018 से लेकर 30 अप्रैल 2023 तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से 30 डिमांड भेजी गई। इतनी दफा किए गए प्रयास आखिरकार रंग लाए और वीरवार को विभाग की ओर से डॉ. सुमित कटारिया को दादरी में सेवाएं देने के लिए भेजा गया। सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि शुक्रवार को डॉ. कटारिया ने ज्वाइन कर लिया और इसके बाद उन्होंने ओपीडी भी देखी।
डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती होने के बाद अब बच्चों को दादरी सिविल अस्पताल से रेफर करने का झंझट खत्म होगा। उन्होंने बताया कि अब जल्द ही विशेषज्ञ को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर फोकस रहेगा, ताकि उपचार में कोई बाधा न आए। उन्होंने बताया कि जिले में करीब अस्सी हजार बच्चे हैं।
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- हर साल एक हजार बच्चे लेते हैं जन्म
दादरी जिले की बात करे तो हर साल करीब एक हजार बच्चे जन्म लेते हैं। इनमें से 70 फीसदी डिलिवरी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर और 30 प्रतिशत प्राइवेट अस्पतालों में होती है। कई दफा नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे रेफर करना ही विकल्प होता था, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ मिलने के बाद अब ऐसा नहीं होगा।

- बाल-शिशु नर्सरी शुरू करने का रास्ता हुआ साफ
जिला स्वास्थ्य विभाग ने मातृ-शिशु अस्पताल में बाल-शिशु नर्सरी खोलने की योजना तैयार कर रखी है। इसके लिए सरकार की ओर से करीब डेढ़ करोड़ का बजट भी विभाग को दिया जा चुका है। यह बजट विभाग पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर कर चुका है। अब तक बाल शिशु नर्सरी शुरू करने में बाल रोग विशेषज्ञ की कमी आड़े आ रही थी, लेकिन अब यह अड़चन भी दूर हो गई है।

- निजी अस्पताल में हर माह चुकाने पड़ रहे थे 20 लाख
शहर में मुख्य पांच अस्पतालों में छोटे बच्चों को उपचार के लिए इस समय ले जाया जा रहा है। विभागीय सूत्रों की माने तो एक अस्पताल की दैनिक ओपीडी औसतन 40 रहती है और प्रति बच्चा ओपीडी फीस 150 से 200 रुपये निर्धारित है। इस दौरान कम से कम 200 रुपये की दवा भी दी जाती है। इस लिहाज से एक बार उपचार पर करीब 350 रुपये खर्च आता है। ऐसे में एक अस्पताल में प्रतिदिन 14 हजार और एक माह में करीब चार लाख बीस हजार की आय होती है। शहर में पांच अस्पताल हैं और इस लिहाज से उपचार के लिए प्रति माह वहां बच्चों के परिजन करीबन 20 लाख रुपये स्वास्थ्य पर खर्च करते हैं।

- अस्पताल में ये विशेषज्ञ हैं तैनात
दादरी स्वास्थ्य विभाग के पास इस समय टीबी एवं छाती, महिला रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, हड्डी रोग विशेषज्ञ पहले से ही तैनात थे जबकि अब पीडिट्रिशियन भी जिले में तैनात हो गया है।

डॉ. सुमित कटारिया ने बतौर बाल रोग विशेषज्ञ दादरी में ज्वाइन कर लिया है। अब जल्द ही बाल-शिशु नर्सरी को शुरू करने का प्रयास रहेगा। विशेषज्ञों के अभी भी कुछ पद खाली हैं जिन पर जल्द नियुक्ति कराने का प्रयास रहेगा।
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-डाॅ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी
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