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सिविल अस्पताल में बनेंगे दिव्यांग मेडिकल सर्टिफिकेट

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दिव्यांगों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड ने सिविल अस्पताल में अपनी सेवाएं देनी दोबारा से शुरू कर दी है। कोरोना संक्रमण के चलते जिला उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा ने सरकार के निर्देशों पर दिव्यांगता मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने पर रोक लगाई थी। दिव्यांगों की जांच का कार्य उपायुक्त के निर्देशों पर दोबारा से शुरू कर दिया गया है। वीरवार को उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा ने दादरी में बनाए गए मेडिकल सर्टिफिकेट देकर दिव्यांगों के लिए इस सुविधा का शुभारंभ किया।
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उपायुक्त ने नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में दिव्यांगों को मेडिकल प्रमाण-पत्र देते हुए कहा कि दिव्यांगों की तकलीफ को देखते हुए यह कार्य दोबारा आरंभ किया गया है। अब हर वीरवार को सुबह नौ बजे दिव्यांगता की स्वास्थ्य जांच के लिए कमरा नंबर 14 में मेडिकल बोर्ड उपस्थित रहेगा। उन्होंने बताया कि दादरी में अभी विभिन्न गांवों से आए 70 लोगों की स्वास्थ्य जांच करवाई गई है। इनमें आंख व हड्डी से संबधित 15 दिव्यांगों के प्रमाण-पत्र बना दिए गए हैं। जो दिव्यांग ईएनटी या न्यूरो दूसरे विभागों से संबधित है, उनकी जांच अस्पताल प्रशासन द्वारा भिवानी और रोहतक पीजीआई में करवाई जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि दिव्यांगों के लिए प्रशासन ने यह व्यवस्था कर दी है कि सर्टिफिकेट बनवाने के लिए उन्हें खुद नहीं भटकना पड़ेगा। अन्य स्वास्थ्य संस्थान से संबधित जो विकलांग हैं, उनकी जांच का प्रबंध स्वास्थ्य विभाग ही करवाएगा।
सर्टिफिकेट बनने पर मासिक पेंशन और योजनाओं का ले सकेंगे फायदा
उपायुक्त ने कहा कि विकलांगता प्रमाण-पत्र बनने के बाद ये दिव्यांग अब समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जा रही मासिक पेंशन और सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। सीएमओ डा. मंजू कादयान ने बताया कि 19 मार्च से दादरी नागरिक अस्पताल में दिव्यांगों के मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का कार्य बंद था, जिसे उपायुक्त के मार्गदर्शन में फिर से शुरू किया गया है। इस मौके पर डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. सुनैना, डॉ. गौरव, डॉ. अंकुर आदि उपस्थित रहे।
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