नारनौल से हिसार को जोड़ने वाले हाइवे 148-बी पर वाहन फर्राटा भरने लगे हैं। इसके बावजूद इस हाईवे पर सुंदरीकरण और स्ट्रीट लाइट का इंतजाम नहीं हो पाया है। पैंतावास कलां के ग्रामीण अमरजीत सोनी, पंच पारस, सुरेंद्र, धर्मेंद्र, गोलू, प्रवीन, सतबीर आदि ने बताया कि उनके गांव का इस हाइवे से सीधा जुड़ाव है। बस स्टैंड या हाइवे पर लाइटों का प्रबंध नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि लाइटें लगाई जा चुकी हैं लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं किया गया है। इसके चलते सूरज ढलते ही हाइवे पर अंधेरा पसर जाता है। अंधेरे में हादसों का डर भी बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि हाइवे से वाहन तेज गति से निकलते हैं और गांव की तरफ से हाइवे पर चढ़ने वाले वाहन के हादसे का शिकार होने का अंदेशा भी बना रहता है। इसके अलावा कुछ जगहों पर यह सड़क पूरी तरह से नहीं बन पाई है। इसके चलते भी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने लाइटों की उचित व्यवस्था एवं सड़क के बचे टुकड़ों के निर्माण की मांग की है।
जिले के इन गांवों से होकर गुजरता हाइवे
एनएच-148 बी चरखी दादरी जिले के आदमपुर डाढ़ी, चरखी, पैंतावास कलां, पैंतावास खुर्द, बधवाना समेत कई गांवों से होकर गुजरता है। ज्यादातर गांवों की सड़कों का इस हाइवे से सीधा जुड़ाव है।
हाइवे पर ये हो चुके सड़क हादसे
करीब एक साल पहले हाइवे पार कर रही चरखी गांव निवासी दो वाहनों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। घटना में दोनों बहनों की मौके पर ही मौत हो गई थी व ग्रामीणों ने जमा लगाया था।
करीब आठ माह पहले रावलधी-भिवानी लिंकमार्ग मोड़ के समीप रात के समय गोवंश से दो गाड़ियां टकराई थीं जिनमें चार लोग घायल हुए थे जबकि दोनों गाड़ियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। करीब दो साल पहले इस मार्ग पर एक असंतुलित कार नहर में गिर गई थी जिसमें चाचा-भतीजा की मौत हो गई थी। यह हादसा भी रात के समय ही हुआ था और रात के समय ही दोनों के शव निकाले गए थे।