चरखी दादरी। शहरवासी स्वच्छ पोर्टल पर फीडबैक देने में रुचि नहीं ले रहे हैं। सिटी पोर्टल व शिकायत निवारण प्रणाली पोर्टल पर लोगों को फीडबैक देना होता है। स्वच्छ सर्वेक्षण में फीडबैक का खासा योगदान है और इसके लिए निर्धारित 500 अंक हैं। ऐसे में नगर परिषद की ओर से अब लोगों को दोनों पोर्टल के माध्यम से फीडबैक देने के लिए जागरूक करने की तैयारी की जा रही है।
नगर परिषद ने शहर में स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं को सीधे दर्ज करवाने और उनके समाधान की निगरानी के लिए सिटी पोर्टल व शिकायत निवारण प्रणाली पोर्टल शुरू कर रखे हैं। इन पोर्टल पर शहरवासी कचरा उठान नहीं होने, गली की सफाई नहीं होने, सार्वजनिक स्थान पर गंदगी, नालियों की सफाई सहित अन्य स्वच्छता संबंधी शिकायतें दर्ज करवाते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित कर्मचारियों की ओर से मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान किया जाता है।
1182 शिकायतें हो चुकी प्राप्त
पोर्टल पर अब तक 1182 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से 1140 शिकायतों का समाधान नगर परिषद की ओर से किए जाने का दावा किया गया है। शेष शिकायतों पर भी प्रक्रिया जारी है। पोर्टल के माध्यम से आने वाली शिकायतों से शहर के अलग-अलग वार्डों में सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी मिलती है और उनके समाधान के लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए जाते हैं।
नगर परिषद की ओर से अब शिकायतों के साथ-साथ फीडबैक बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। फीडबैक के माध्यम से शहरवासी सफाई व्यवस्था और शिकायत के समाधान के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सकते हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिक फीडबैक के लिए 500 अंक निर्धारित होने के कारण नगर परिषद के लिए मायने रखता है।
स्वच्छता केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है। शहरवासियों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। लोग अपने आसपास की सफाई व्यवस्था पर नजर रखने के साथ पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं और समस्या के समाधान के बाद अपना फीडबैक भी दें। इससे एक ओर शिकायतों के निवारण की स्थिति स्पष्ट होगी वहीं दूसरी ओर स्वच्छता व्यवस्था के बारे में नगर परिषद को लोगों के सहयोग एवं योगदान की जानकारी मिल सकेगी।
वर्जन
लोगों को चाहिए कि वे पोर्टल पर फीडबैक जरूर दें ताकि परिषद का मनोबल बढ़े और सर्वेक्षण रैंक में सुधार हो सके। नगर परिषद लोगों की शिकायतों का तत्परता से समाधान करवा कर रही है।- स्वच्छता प्रभारी ज्योति शर्मा, नगर परिषद