चरखी दादरी। शहर के मुख्य बाजारों में पार्किंग की समस्या अब व्यापार, यातायात और आमजन की सुविधा पर सीधा असर डाल रही है। खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने के लिए उचित स्थान न मिलने से वे मजबूरी में सड़कों और दुकानों के सामने ही वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे बाजारों में लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है और राहगीरों के साथ-साथ व्यापारियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजारों में पहले से ही अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो चुकी हैं। ऐसे में सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण यातायात और अधिक बाधित हो जाता है। शहर के बीच स्थित नगर परिषद की लगभग 1100 वर्ग गज खाली जमीन पर वर्षों पहले प्रस्तावित मल्टी लेवल पार्किंग योजना आज तक अमल में नहीं आ सकी है। लोगों का मानना है कि यदि यह योजना समय पर पूरी हो जाती तो शहर को जाम की बड़ी समस्या से राहत मिल सकती है।
जानकारी के अनुसार, मुख्य बाजार के समीप पुरानी सब्जी मंडी के पीछे नगर परिषद की खाली जमीन पर बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए मल्टी लेवल पार्किंग बनाने की योजना तैयार की गई थी। इसका उद्देश्य बाजार में आने वाले लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना था ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके। हालांकि प्रशासनिक प्रक्रियाओं और लंबित फाइलों के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई।
पार्किंग सुविधा के अभाव का असर स्थानीय कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मुख्य बाजार, रेलवे रोड, पुराना दिल्ली रोड और लाला लाजपत राय चौक जैसे व्यस्त क्षेत्रों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई खरीदारों का कहना है कि जहां वाहन पार्क करने की सुविधा नहीं होती वहां खरीदारी के लिए जाना मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ते हैं जिससे चालान होने का खतरा बना रहता है और खरीदारी भी जल्दबाजी में करनी पड़ती है।
व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि पार्किंग की समस्या के कारण बाजारों की रौनक प्रभावित हो रही है। जिला बनने के बाद शहर में वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। अनुमान के अनुसार प्रतिदिन हजारों लोग निजी वाहनों से बाजारों में पहुंचते हैं। पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ये वाहन मुख्य मार्गों पर ही खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे बार-बार जाम लगने की स्थिति बनती है।
क्या कहते हैं लोग ...
वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पार्किंग की कमी के कारण हर कुछ मिनट में जाम लग जाता है। यह शहर की प्रमुख समस्या है। सरकार व प्रशासन को जल्द शहर में पार्किंग की व्यवस्था करनी चाहिए। सुरेश पांडवानिया, प्रधान, दादरी नगर व्यापार मंडल।
व्यापारियों द्वारा कई बार प्रशासन को ज्ञापन देकर पार्किंग निर्माण की मांग उठाई जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। नगर परिषद की खाली जमीन पर मल्टी लेवल पार्किंग निर्माण समय की आवश्यकता है।- बलराम गुप्ता, जिला अध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग वाहनों को सड़क पर खड़ा कर खरीदारी करने चले जाते हैं। लंबे समय तक वाहन नहीं हटाने पर यातायात पुलिस को चालान की कार्रवाई करनी पड़ती है जिससे लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। संदीप फोगाट, उपप्रधान, नगर व्यापार मंडल।
शहरवासियों को नवनियुक्त उपायुक्त से उम्मीद है कि वे इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाएंगीं। शहर में पार्किंग व्यवस्था बनने से यातायात व्यवस्था भी सुचारू हो जाएगी और जगह-जगह लगने वाले जाम से भी निजात मिल सकेगी। जयभगवान मस्ताना, समाजसेवी।
वर्सन :
संबंधित जमीन पर पार्किंग विकसित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। केवल इसी स्थान ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य उपयुक्त स्थानों को भी पार्किंग के लिए चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही शहरवासियों को बेहतर और सुचारू पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, दादरी।