चरखी दादरी। शहरवासी इस समय पेयजल और बिजली समस्या का दंश झेल रहे हैं। इसके चलते गर्मी में शहरवासियों को पारा चढ़ गया है। लोगों ने 13 पार्षदों की अगुवाई में बुधवार को प्रदर्शन किया। महिलाओं ने खाली मटके फोड़कर जनस्वास्थ्य विभाग व बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
बुधवार सुबह दस बजे शहर के 13 वार्डों के पार्षद और लोग मुख्य परशुराम चौक पर पहुंचे। उन्होंने बिजली व पानी की समस्या को लेकर अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और अधिकारियों पर समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। महिलाओं ने जनस्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष जताते हुए कहा कि पेयजल आपूर्ति को वो तरस गए हैं, जबकि अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। कई दिनों से ये समस्या बनी है और अब उनके सब्र का बांध टूट गया है।
महिलाओं ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए वे पार्षद से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। महिलाओं ने खाली मटके फोड़कर गुस्से का इजहार किया। प्रदर्शन में पार्षद सुधीर स्वामी, जयसिंह लांबा, पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया, पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र सांगवान, नवीन बिंदल, नवीन प्रजापति, विनोद सिंहमार, मनोज वर्मा, सतबीर चौहान, पार्षद प्रतिनिधि बिजेंद्र सांगवान, अजय सांगवान, पार्षद प्रतिनिधि सत्यवान पहल, कौशल्या देवी व प्रतिनिधि विकास डाबला आदि शामिल हुए।
पार्षद बोले- 60,000 की आबादी झेल रही परेशानी
पार्षद सुधीर स्वामी ने बताया कि उनके वार्ड में करीब चार हजार की आबादी है और इसमें से 40 प्रतिशत आबादी के पास पानी नहीं पहुंच रहा है। पिछले तीन महीने से वार्ड में पानी की समस्या गहराई हुई है। पार्षदों की मानें तो 13 वार्डाें के करीब 60,000 लोग बिजली-पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।
शहर के व्यापारी भी हुए प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में शहर के व्यापारी व अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। नगर व्यापार मंडल उपप्रधान एवं पूर्ण मार्केट एसोसिएशन प्रधान संदीप फौगाट, महेश सैनी, दुष्यंत बुमराह, प्रदीप चौधरी, पप्पू छिल्लर, विजय राठी व रामपाल सैनी ने बताया कि गर्मी में लगातार लगने वाले बिजली कट से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्राहकों को समय पर सामान न मिलने पर वे दोबारा उस दुकान की ओर रुख नहीं कर रहे हैं।
चार दिन पहले डीसी को दे चुके ज्ञापन
पार्षदों ने बताया कि विभाग के इस रवैये को लेकर डीसी को चार दिन पहले ज्ञापन दे चुके हैं। इससे पहले उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी कई बार समस्याओं से अवगत कराया है, लेकिन समस्याएं जस की तस पड़ी हैं।
अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल
पार्षद रचना देवी व पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी समेत अन्य पार्षदों ने बताया कि शहर पेयजल संकट से जूझ रहा है, जबकि जनस्वास्थ्य विभाग के जेई का रवैया सही नहीं है। वे समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे। पार्षद इस रवैये से परेशान हो चुके हैं, लेकिन विभाग शिकायत व जेई के तबादले की मांग करने के बाद भी मूकदर्शक बना है।
तीनों रिजर्व टैंकों में पानी कम था और इसके चलते मोटरें पानी नहीं उठा पा रही थी। अब तीनों टैंकों के पानी को एक टैंक में डाल दिया गया है। पानी की कमी के कारण अब शहर में एक के बजाय दो दिन छोड़कर आपूर्ति की जा रही है। -धीरेंद्र सिंह, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।