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Charkhi Dadri News: इब तै 13 चुनाव हौए, पानी निकासी का हाल वोए

Thu, 26 Sep 2024 05:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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 गांव मिसरी के खेतों में भरा पानी। संवाद
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चुनाव चौपाल:
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आठ हजार की आबादी वाले मिसरी गांव में दूषित पानी निकासी के प्रबंध न होने से ग्रामीण परेशान, इस चुनाव में प्रत्याशियों के सामने भी रख रहे यह समस्या

- अधिकारियों को पत्र सौंपकर थक चुके ग्रामीण, चुनाव में नेताओं से मांगेंगे जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी

चरखी दादरी। गांव मिसरी में तीस साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसके लिए ग्रामीण अब वोट मांगने गांव में आ रहे प्रत्याशियों के समक्ष अपने मन की टीस खुलकर बयां कर रहे हैं। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने हरियाणवी लहजे में कहा कि इब तै 13 चुनाव होए, पर पानी निकासी का हाल वोए सै...।

मिसरी निवासी ग्रामीण सागर यादव, कुलदीप व प्रदीप ने बताया कि अब 14वीं बार विधायक बनने जा रहा है। इससे पहले हुए चुनाव में प्रत्याशी वोट मांगने के लिए गांव पहुंचे, लेकिन अब तक किसी ने गांव की समस्या पर गौर नहीं किया। ग्राम पंचायत अपने स्तर पर पानी निकासी करवा रही है। इसके लिए पंचायत ने गांव की खाली भूमि में पानी निकासी के लिए जगह बनाई है। बारिश का जलभराव होने से मोटर से पानी निकाला जाता है। फिर भी गांव में पानी निकासी के उचित प्रबंध न होने के कारण पानी गलियों में भरा रहता है। इससे ग्रामीणों को आवागमन करने में दिक्कत होती है।
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ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा मुश्किल किसानों को हो रही है क्योंकि खेतों व रास्ते में भी जलभराव है। इससे फसल भी खराब होने की आशंका बनी हुई है। दूसरी ओर अब उम्मीदवार भी गांव का दौरा कर रहे हैं। ग्रामीण भी पूरी तरह समस्या से अवगत कराकर समाधान की मांग कर रहे हैं। इससे पहले ग्रामीण सीएम, विधायक व अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देकर समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन, सभी से समाधान के नाम पर खाली आश्वासन मिला है।
अब ग्रामीणों के लिए यह समस्या मुद्दा बन चुकी है। हर बैठक व चौपाल में गांव की समस्याओं पर चर्चा हो रही है। चुनाव में ग्रामीण लामबंद होंगे और समस्या के समाधान कराने की गारंटी देने वाले प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेंगे।


- मिसरी गांव में ये समस्याएं भी
- खेतों में जाने के रास्ते कच्चे।

- लिंक रोड नहीं अब नहीं बने पक्के।

गांव के तथ्य

आबादी - 8 हजार

मतदाता - 3619

पुरुष मतदाता - 1846
महिला मतदाता- 1773
साक्षरता दर - 70


ग्रामीण बोले : समस्याओं का समाधान हो तो मिले राहत

गांव में जलभराव होने से गली पार करना भी मुश्किल हो चुका है। पैर रखने के लिए गलियों में जगह नहीं है। प्रशासन ने ग्रामीणों की बातों पर अब तक गौर नहीं किया है।

-भरपूर सिंह, ग्रामीण

बारिश के समय गांव में विकट हालात बन जाते हैं। गांव में बाढ़ जैसा दृश्य रहता है। कई दिनों तक पानी नहीं सूख पाता है। अब सोच-समझकर वोट देंगे।
- धोलू, ग्रामीण

खेतों में जाने का रास्ता कच्चा है। किसानों का प्रतिदिन हर मौसम में खेत में आना-जाना रहता है। बारिश में कच्चा रास्ता होने से वाहन फंस जाते हैं। पैदल भी नहीं चल पाते।

-कृष्ण कुमार, ग्रामीण

गांव को सौंफ-कासनी व मिर्च से जोड़ने वाले गांव के संपर्क मार्ग कच्चे हैं। इनमें से किसी रोड का अब तक निर्माण नहीं किया गया है। इससे गांववालों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है।
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- सोनू, ग्रामीण


वर्सन:
पंचायत की ओर से गांव में जल निकासी का अपने स्तर पर समाधान किया जा रहा है। कई बार अधिकारियों व प्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक नतीजा शून्य है।

-आशीष कुमार, सरपंच, मिसरी
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गांव मिसरी के खेतों में भरा पानी। संवाद
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भरपूर सिंह।
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धोलू।
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कृष्ण कुमार।
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सोनू।
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