झोझूकलां। आर्यवीर दल और सर्वहित साधना न्यास की ओर से दगड़ौली की आयुष व्यायामशाला में व्यायाम प्रशिक्षण एवं चरित्र निर्माण संस्कार शिविर आयोजित किया गया। जिला संचालक स्वामी सच्चिदानंद के सानिध्य में आयोजित इस शिविर में शनिवार को साधकों ने आत्मरक्षा के गुर सीखे।
व्यायाम शिक्षक नारायण और राहुल आर्य ने शिविरार्थियों को नियुद्धम, जूडो-कराटे, आत्मरक्षा के दांव का अभ्यास करवाया। आयुष योग सहायिका कविता दगड़ौली ने भी सहयोग किया।
नारायण आर्य ने कहा कि आत्मरक्षा के दांव एवं नियुद्धम के अभ्यास से आत्मविश्वास, साहस, वीरता के गुण का संचार होता है। स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि शिविर में क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त को श्रद्धांजलि भी दी गई। इस अवसर पर रविंद्र आर्य, वेदप्रकाश, कुसुम, संतोष, सरोज, विद्या, जतिन, भूपेश, पुनित, हिमांशी, जिया, खुशवंत, विवेक, रोहित आदि मौजूद रहे।
योग को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा : सुनीता कासनी
चरखी दादरी। पतंजलि महिला प्रकोष्ठ की ओर से शनिवार सुबह रोजगार्डन में योग शिविर आयोजित किया गया। इसमें डॉ. सुनीता कासनी ने महिलाओं को योग से होने वाले फायदे बताए। उन्होंने कहा कि अगर योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए तो कई बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। शिविर में संध्या, निधि, कविता, रजनी, ममता, प्रियंका, सलोनी और दीप्ति आदि ने भाग लिया।