अस्पताल में पहुंची टीम कार्रवाई करते हुए।
चरखी दादरी/बौंदकलां। रानीला में स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लिए बिना अस्पताल चलाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने सोमवार को इसका भंड़ाफोड़ किया। अहम बात यह रही कि संचालक के पास कोई डिग्री या मरीजों का रिकॉर्ड नहीं मिला। दूसरी ओर यहां काफी तादाद में दवाओं का स्टॉक मिला है। इतना ही नहीं अस्पताल में बिजली चोरी भी पकड़ में आई है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि रानीला स्थित शिव हेल्थ सेंटर स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लिए बिना चलाया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम शाम 4.20 पर रानीला पहुंची। डॉ. नीतू के अलावा बिजली निगम के जेई सुमित कुमार को भी कार्रवाई में शामिल किया गया। इसके बाद संयुक्त टीम ने शिव हेल्थ सेंटर पर दबिश दी। वहां संचालक मौके पर ही मिला। उससे अस्पताल चलाने का लाइसेंस व अनुमति पत्र मांगा गया तो वो कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। चेकिंग के दौरान अस्पताल परिसर में दवाओं का स्टॉक मिला, जिसे टीम ने कब्जे में ले लिया।
- निगम टीम ने की बिजली मीटर की जांच
दबिश के दौरान जेई सुमित कुमार ने यहां जांच की तो बिजली चोरी का मामला भी पकड़ में आया। टीम ने बताया कि अस्पताल संचालक सीधे तौर पर बिजली चोरी कर यहां बिजली उपकरण चलाता था। इस पर संज्ञान लेकर टीम ने एलएल-1 रिपोर्ट भरी है।
- एक माह के अंदर तीसरे अस्पताल पर हुई कार्रवाई
गत एक माह के अंदर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने बिन अनुमति के अस्पताल चलाने का तीसरा मामला पकड़ा है। तीनों मामले बौंदकलां थाना क्षेत्र में पकड़े गए हैं। इससे पहले टीम बौंदकलां कस्बे में चलाए जा रहे दो अस्पताल पहले भी पकड़ चुकी है।
मरीज मिला हाजिर, टीम ने की पूछताछ
टीम जब अस्पताल पहुंची तो वहां एक मरीज हाजिर मिला। उसने बताया कि छाती में दर्द होने पर वो उपचार के लिए आया था। मरीज सरेहेल ने बताया कि वो शारीरिक तकलीफ होने पर वो यहीं से दवा लेकर जाता है।