चरखी दादरी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वीरवार सुबह शहर स्थित दो कौशल रोजगार संस्थानों में दबिश दी। इस दौरान 721 प्रशिक्षु और 5 शिक्षक गैरहाजिर मिले। हालांकि इसके अलावा दोनों केंद्रों पर और कोई बड़ी चूक सामने नहीं आई और तीन घंटे जांच करने के बाद टीम लौट आई।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की इस कार्रवाई के लिए पीडब्ल्यूडी एसडीई अश्वनी कुमार और पंचायत राज एसडीई श्यामलाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। टीम ने सुबह साढ़े 10 बजे कार्रवाई शुरू की जो डेढ़ बजे तक चली। इस दौरान टीबीएल एजुकेशन सेंटर में टीम को दर्शाए गए 480 प्रशिक्षु में से 58 ही हाजिर मिले। इसके अलावा यहां दर्शाए गए दस शिक्षकों में से पांच ही हाजिर मिले।
इसके बाद टीम ने एक और शिक्षण संस्थान में दबिश दी। वहां 299 प्रशिक्षुओं में से कोई भी हाजिर नहीं मिला। इतना ही नहीं यहां एक भी शिक्षक भी हाजिर नहीं मिला। इस सेंटर को ताला लगा हुआ था। यहां समीप स्थित एक स्कूल संचालक से पता किया तो उसने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान एक-दो बार ही प्रधानमंत्री कौशल रोजगार के स्टाफ सदस्य यहां नजर आए हैं।
बीडीपीओ कार्यालय में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने मारा छापा, 6 कर्मचारी मिले नदारद
झोझूकलां। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वीरवार दोपहर बाद बीडीपीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 6 नियमित और कच्चे कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कार्यालय में तैनात कर्मचारी बायोमैट्रिक हाजिरी भी नहीं लगा रहे। दूसरी ओर नदारद मिले कर्मचारियों की रिपोर्ट टीम ने उच्चाधिकारियों के पास भेज दी है।
दरअसल, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि झोझूकलां बीडीपीओ कार्यालय में तैनात कर्मचारी तय समय से पहले ही कार्यालय छोड़कर घर चले जाते हैं। इस सूचना पर वीरवार को 3:40 पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता बीडीपीओ कार्यालय पहुंचा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर पीडब्ल्यूडी एसडीई अश्वनी कुमार टीम के साथ रहे।
टीम ने कार्यालय जाकर हाजिरी रजिस्टर चेक किया। इस दौरान बीडीपीओ कार्यालय में तैनात 7 नियमित कर्मचारियों में से छह गैरहाजिर मिले जबकि एक कर्मचारी हाजिर पाया गया। इसके अलावा मनरेगा कार्यालय में तैनात चार नियमित कर्मचारियों में से भी दो गैरहाजिर मिले। वहीं, स्वयं सहायता समूह के तीन कच्चे कर्मचारी भी गैरहाजिर पाए गए। शाम 4:40 पर टीम कार्रवाई पूरी कर लौट गई।