बौंदकलां बौंद कलां स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रैबीज वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो चुका है। बंदर, कुत्ता, बिल्ली या अन्य जानवरों के काटने से केंद्र में आने वाले 38 गांवों के मरीजों को मजबूरी वश प्राइवेट अस्पतालों मेें जाकर एंटी रैबीज वैक्सीन की डोज लेनी पड़ रही है। सीएमओ का कहना है स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सिन की डिमांड भेज रखी है। बौंदकलां राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 17 दिसंबर से ही एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिल रही है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी गत 26 अगस्त 2019 को भी एंटी रैबीज वैक्सीन की डोज का स्टॉक खत्म हो गया था। तब भी एक महीने के बाद वैक्सिन डोज पहुंची थी। इस समय वेयर हाउस हिसार से भी विभाग को एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं मिल रही है। भिवानी और हिसार में भी एंटी रैबीज वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो चुका है। जिसके चलते सीएचसी के अधीन आने वाले गांवों के मरीजों को केंद्र से बैरंग लौटना पड़ रहा है।
बौंद कलां सीएचसी में प्रतिदिन औसतन पांच से सात मरीज एंटी रैबीज वैक्सीन के लिए पहुंचते हैं। किसी भी व्यक्ति को बंदर, कुत्ते, बिल्ली के काटने पर 24 घंटे के अंतराल में एंटी रैबीज वैक्सीन का इंजेक्शन लगवाना जरूरी होता है। केंद्र में केवल 100 रु पये में लगता है एंटी रैबीज इंजेक्शन एक मरीज को एंटी रेबीज वैक्सीन की डोज एक महीने में पांच बार दी जाती है। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक डोज की कीमत केवल 100 रुपये ही अदा करनी पड़ती है जबकि प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर यह डोज 350 - 400 रुपये में पड़ती है। वहीं पर बीपीएल कार्ड धारक को नि:शुल्क उपचार दिया जाता है। पिछले 18 दिनों से एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं होने के चलते मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाकर महंगा इलाज करवाना पड़ रहा है।
डिमांड भेज रखी है : इंचार्ज
इस बारे में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बौंदकलां के इंचार्ज डॉ. संदीप सिंह का कहना है कि एंटी रैबीज वैक्सीन की डोज के लिए विभाग के पास डिमांड भेज रखी है। चिकित्सक ने बताया कि केंद्र में आने वाले ऐसे मरीजों की संख्या ज्यादा ही रहती है।
एंटी रैबीज वैक्सीन ऊपर से ही नहीं आ रही हैं। इस समय पूरे प्रदेश में ही वैक्सीन का स्टॉक नहीं है। दादरी जिले को हिसार वेयर हाउस से स्टॉक मिलता है। एंटी रैबीज वैक्सीन की डिमांड भेज रखी है। दादरी सामान्य अस्पताल में वैक्सीन आने पर बौंदकलां में भेज दी जाएगी।
सीएमओ डॉ.वीरेंद्र यादव