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टीमों ने मुआयना कर नहरी पानी चोरी के 250 मामले पकड़े

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जिले में नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए सिंचाई विभाग अधिकारियों की टीमों ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर नहरों का मुआयना किया। इस दौरान 250 नहरी पानी चोरी के मामले पकड़े गए। इन किसानों को चिह्नित कर लिया गया है। बाद में इन पर जुर्माना लगाया जाएगा। नहरों में नौ अक्तूबर से पानी चल रहा है। जिले के लिए नहरी पानी पांच दिन और बढ़ा दिया गया है।
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जिले को इस समय 1000 क्यूसिक पानी की जरूरत है तब जाकर रबी की फसलों की बिजाई के लिए खेतों की सिंचाई और पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। जिला को 200 क्यूसिक पानी कम मिल रहा है, जिससे जलघरों और तालाबों को भरना भी मुश्किल बना हुआ है।
ज्यादा मात्रा में हो रही चोरी
इस समय नहरी पानी की चोरी भी भारी मात्रा में हो रही है। किसान नहरों पर इंजन, साइफन पाइप और ट्रैक्टर आदि लगाकर पानी का दिन-रात उठान कर रहे हैं, ताकि खेतों की सिंचाई कर रबी की सरसों और गेहूं की फसलों की बिजाई कर सके। इस बार मानसून की बारिश कम होने की वजह से किसानों को सिंचाई करके ही रबी की फसलों की बिजाई करनी पड़ रही है।
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नहरों से इंजन और पाइप हटवाए
सिंचाई विभाग के एसडीओ ओमदत्त शर्मा, जेई कपिल हुड्डा, जेई उपेंद्र व शुभम की टीम ने लोहारू मेन और बधवाना नहरों का मुआयना किया। इस दौरान लोहारू नहर से 200 और बधवाना नहर से 50 चोरी के मामले पकड़े गए। इस दौरान अधिकारियों ने नहरों पर लगे साइफन, इंजन आदि हटवाए गए। किसान रात के समय ज्यादा मात्रा में पानी की चोरी कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा एक बार इंजन व पाइप हटवा दिए जाने पर पीछे से फिर चालू कर लिए जाते हैं। पानी की चोरी ज्यादा मात्रा में होने से टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों में जलघरों और तालाबों में भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
वहीं, सिंचाई विभाग के एसडीओ राहुल छिल्लर ने किसानों से पानी की चोरी ना करने की अपील की है। उनका कहना है कि जलघरों और तालाबों में पानी डाले जाने की कोशिश जारी है।
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