फोटो=22 पुरानी अनाज मंडी में खाद के लिए लगी लाइन।
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चरखी दादरी। शहर में वीरवार को करीब 20 दिन बाद डीएपी खाद की खेप पहुंची है। एक ट्रक में 350 बैग पहुंचे जो उसी समय बांट दिए गए। खाद पहुंचने की खबर मिलते ही किसान पुरानी अनाज मंडी में पहुंच गए और देखते ही देखते लाइन लग गई।
बता दें कि इस समय गेहूं की बिजाई का कार्य जोरो पर हैं। किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। गांवों में पैक्स समिति के कार्यालयों में खाद भेजी जाती है लेकिन वहां भी नियमित रूप से खाद की सप्लाई नहीं की जा रही है। चार-पांच दिन में मुश्किल से एक ट्रक में 400 बैग पहुंचते हैं। जो उसी समय बंट जाते हैं। जिला में 55 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई कर रखी है जिसकी अब सिंचाई की जा रही है। सिंचाई के बाद यूरिया खाद का छिड़काव करना पड़ता है। इसी प्रकार जिला में गेहूं की बिजाई का आंकड़ा 40 हजार को पार करने की उम्मीद है। ऐसे में गेहूं के लिए डीएपी की बिजाई के समय जरूरत होती है। वीरवार को नगर में प्राइवेट खाद-बीज विक्रेता के पास डीएपी की खेप पहुंची।
किसान बोले : जरूरत अनुसार नहीं मिल रहे बैग
-मुझे दो बैग खाद की जरूरत है लेकिन वो भी नहीं मिल रहे हैं। सरकार को खाद-बीज तो समय पर उपलब्ध करवाना चाहिए। किसानों को बीज भी महंगा मिल रहा है और बीज के दो पिछले साल की तुलना में दोगुना बढ़ गए हैं।
-मामन सिंह, घसोला
-मुझे 15 बैग खाद की जरूरत है लेकिन नहीं मिल पाए। थोड़ा-थोड़ा खाद सब किसानों को मिलना चाहिए। आज रासायनिक खाद के बिना खेती से पैदावार मिलना मुश्किल बना हुआ है और खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।
-अत्तर सिंह, खातीवास
डीएपी का एक ट्रक निजी केंद्र पर आया था और वहां तत्काल इसका वितरण कर दिया गया। 5000 बैग की डिमांड हमने भेज रखी है और किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
-संदीप देशवाल, मैनेजर, जमींदारा सोसायटी