चरखी दादरी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर ने चरखी दादरी को प्रदेश का पहला नशामुक्त जिला घोषित किया। डीजीपी ने कहा कि हरियाणा के पूर्ण रूप से नशामुक्त होने तक नशे के विरुद्ध हमारा अभियान जारी रहेगा। इस दौरान इस दिशा में सराहनीय कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधि भी सम्मानित किए गए।
जनता पीजी महाविद्यालय में शनिवार को आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने चरखी दादरी जिला को पूर्ण रूप से नशामुक्त घोषित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। प्रदेश से नशे को खत्म करने के लिए दृढ़ और बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे हरियाणा में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि नशा करने वाले आदतन लोगों के परिवार से संपर्क कर उनका उपचार कराना भी पुलिस महकमे के कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि नशीली और प्रतिबंधित दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर, फार्मासिस्टों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जरूरी है। इस दौरान सभी गांवों के सरपंच प्रतिनिधियों व पार्षदों ने प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के अभियान में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस दौरान कार्यक्रम में एडीजीपी केके राव हिसार रेंज, आईजी रोहतक रेंज वाई पूर्ण कुमार, दादरी पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा, महेंद्रगढ़ एसपी पूजा वशिष्ठ और सभी थाना प्रभारी भी शामिल हुए।
इन सरपंचों व पार्षदों को किया सम्मानित
डीजीपी ने जिला चरखी दादरी को नशामुक्त करने में अहम भूमिका निभाने वाले गांव खेड़ी बत्तर, खेड़ी बूरा, महराना, छपार, बिगोवा, भागवी, नौरंगाबास जाटान, चांगरोड़, जावा, चंदेनी, कलियाणा, अचीना, बौंदकला, कमोद, फोगाट, रणकोली, कादमा, कारीदास, डूडीवाला नंदकरण, हड़ोदा व कुब्जानगर के सरपंच व प्रतिनिधि और शहर के वार्ड 1, वार्ड 12, वार्ड 13, 20 के पार्षदों को सम्मानित किया।