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चरखी दादरी : 36 फीसदी रोडवेज कर्मचारियों ने की हड़ताल, 40 फीसदी बसों का नहीं हुआ संचालन

Thu, 25 Jan 2024 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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बच्चों को लेकर बस स्टैंड से बाहर निकलती महिला। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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चरखी दादरी। रोडवेज संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों की हड़ताल का जिले में मिला-जुला असर देखने को मिला। डिपो में तैनात चालक-परिचालकों में से करीब 36 फीसदी हड़ताल में शामिल हुए। जिले में 40 फीसदी बसों का संचालन नहीं हो पाया। शाम चार बजे तक की स्थिति देखें तो डिपो से 68 की जगह 42 बसों का ही संचालन हो पाया। ये बसें भी बस स्टैंड के बजाय शहर के बाहरी क्षेत्रों से चलाई गईं।
दादरी डिपो में 171 चालक और 173 परिचालक हैं। बुधवार को संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर इनमें से 59 चालक और 65 परिचालक हड़ताल पर रहे। हड़ताल के मद्देनजर डिपो अधिकारियों ने मंगलवार रात ही बसें बाहर खड़ी करवा दी थीं। कुछ बसें अलसुबह बस स्टैंड परिसर से निकाली गईं। रूट के अनुसार बात करें तो अल सुबह 3:20 पर चंडीगढ़ के लिए, सुबह 4 बजे दिल्ली के लिए, सुबह 4:20 पर चंडीगढ़ के लिए और सुबह 4:30 बजे जयपुर के लिए बस स्टैंड परिसर से अधिकारियों ने बस निकलवाकर निर्धारित समय पर रवाना किया। वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद भी कई अन्य लंबे और लोकल रूटों पर बस सेवाएं चरमराई रहीं, जिसके चलते यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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शाम चार बजे तक की स्थिति देखें तो सामान्य दिन दादरी बस स्टैंड से 68 बसों का संचालन होता है। हड़ताल के चलते सामान्य दिन के मुकाबले 26 बसों के फेरे कम लगे। रूटों की बस सेवा में कटौती के चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। डिपो अधिकारियों का तर्क है कि हरसंभव वैकल्पिक व्यवस्था कर यात्रियों को राहत देने का प्रयास किया गया और काफी हद तक यात्रियों को बस सेवा मुहैया करवाने में कामयाब रहे।


बस स्टैंड के बजाय यहां से चलाई गईं बसें
बुधवार को कर्मचारियों ने बस स्टैंड परिसर के मुख्य गेट के समीप धरना दिया। ऐसे में अधिकारियों ने बसाें का संचालन शहर के बाहरी क्षेत्रों से करवाया। बुधवार को लोहारू चौक, महेंद्रगढ़ चौक, कनीना टी- प्वाइंट और रावलधी चौक से बसों का रवाना किया गया।

रात्रि ठहराव वालीं 33 फीसदी बसें नहीं पहुंची
दादरी डिपो की 48 बसें विभिन्न रूटों पर रात्रि ठहराव करती हैं। मंगलवार शाम और रात सभी बसें निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना हुई थीं। बुधवार को हड़ताल के चलते इनमे से 32 बसें ही वापस डिपो में पहुंचीं। 16 बसें निर्धारित समय पर दादरी बस स्टैंड पर वापसी नहीं कर पाई और इसका असर भी रूटों पर देखने को मिला।


इन रूटों पर प्रभावित रहीं बस सेवाएं
हड़ताल के चलते दादरी-भिवानी, दादरी-बाढड़ा, दादरी-कादमा, दादरी-झोझू, दादरी-बेरी, दादरी-महेंद्रगढ़, दादरी-रोहतक, दादरी-झज्जर, दादरी-सतनाली आदि लोकल रूटों की बस सेवाओं पर असर पड़ा। इसके अलावा गुरूग्राम, खाटूश्याम, दिल्ली व हरिद्वार आदि लंबे रूट की सेवा पर भी हड़ताल का असर नजर आया।
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344 चालक-परिचालकों में से 124 हड़ताल में शामिल हुए। शाम चार बजे तक 68 बसों की जगह 42 का संचालन हो पाया। यात्रियों को परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए हरसंभव वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया गया। स्टाफ के सहयोग से ज्यादातर रूटों पर बसों का संचालन हुआ। - दीपक कुमार, संस्था प्रबंधक, दादरी डिपो





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बच्चों को लेकर बस स्टैंड से बाहर निकलती महिला। संवाद
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बस स्टैंड परिसर में धरनास्थल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करता वक्ता। संवाद
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बस स्टैंड के सामने तैनात पुलिस कर्मचारी। संवाद
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हड़ताल के चलते बस स्टैंड परिसर में खड़ी बसें। संवाद
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बस स्टैंड गेट पर वाहन का इंतजार करते यात्री। संवाद
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