चरखी दादरी। जिले का दसवीं कक्षा का बोर्ड परिणाम प्रदेश में दूसरे और बारहवीं का तीसरे स्थान पर रहा है। शिक्षा विभाग जिले को इन दोनों वर्गों में सुधार कर बेहतर परिणाम लाने की तैयारी में अभी से जुट गया है। एक जुलाई से स्कूल खुलने से पहले ही रणनीति तैयार कर ली गई है। स्कूल खुलते ही जिले में कक्षा पहली से बारहवीं के विद्यार्थियों को विभाग की ओर से कहानी की पुस्तकें पढ़ने के लिए दी जाएंगी।
स्कूलों में 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश है। एक जुलाई से स्कूल खुल जाएंगे। इससे पहले ही विभाग ने अगली रणनीति तैयार कर ली है। इस माह स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। बिजली-पानी और शौचालय आदि की सुविधाएं सुधारी जाएंगी ताकि विद्यार्थियों को दिक्कत न हो।
विभाग की योजना के अनुसार प्रत्येक विद्यार्थी को पुस्तकालय से कहानियों की पुस्तकें दी जाएंगी। इनमें महापुरुषों की जीवनी, निबंध, लेख, संस्मरण, रेखाचित्र और जीवनी आदि पढ़ाई जाएंगी ताकि छात्रों के व्यक्तित्व का विकास हो सके और उनकी साहित्य के क्षेत्र में रुचि पैदा हो।
शिक्षा बोर्ड आधारित शिक्षण शैली एवं पाठ्यक्रम के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी जाएगी। प्रश्नपत्र के ब्लू प्रिंट और प्रश्नों की संख्या एवं अंक विभाजन के बारे में भी बताया जाएगा। इन सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान रखते हुए शिक्षा परिणाम सुधारने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर बल दिया जाएगा।
- इन बिंदुओं पर लिया गया निर्णय
योग से शारीरिक, मानसिक, भावात्मक, संवेगात्मक विकास भी होता है। इसलिए स्कूल खुलने पर विभाग हर राजकीय स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान योग कक्षाएं शुरू करेगा। इसके लिए मौसम का विशेष ध्यान रखा जाएगा। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
- गृहकार्य की होगी जांच
स्कूल खुलते ही गृहकार्य की जांच की जाएगी। प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को एससीईआरटी की ओर से भेजे गए बिंदुओं के अनुसार गृहकार्य दिया गया है जबकि नौवीं से बारहवीं तक विशेष प्रोजेक्ट बनवाया गया है। इसका भी मूल्यांकन किया जाएगा। लिखित और रचनात्मक कार्य का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
प्रदेश में प्रथम स्थान पाने और बेहतर परिणाम लाने के लिए विभाग अधिकारी और शिक्षक अभी से जुट गए हैं। स्कूल खुलते ही स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। गृहकार्य की जांच होगी। सुबह प्रार्थना सभा में योग कक्षा शुरू की जाएगी। सभी विद्यार्थियों को कहानियों की पुस्तकें दी जाएंगी। विभाग ने पहले ही इसका प्रारूप तैयार कर लिया है। - कृष्णा फौगाट, जिला शिक्षा अधिकारी, चरखी दादरी।