नागरिक अस्पताल में मरीज का उपचार करते डॉ. उपेंद्र श्योराण।
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चरखी दादरी। पिछले कुछ दिनों से मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों के स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दिन में तेज धूप और गर्मी व रात और सुबह के समय पड़ रही हल्की ठंड लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। जिसकी बानगी स्थानीय नागरिक अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में भी देखी जा सकती है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
मेडिसिन ओपीडी में 100 तक बढ़े मरीज
नागरिक अस्पताल में मेडिसिन विभाग की ओपीडी में इन दिनों सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या में 100 तक की वृद्धि दर्ज की गई है। फिलहाल हर रोज मेडिसिन विभाग ओपीडी में 250 से 300 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि कुछ दिन पहले तक यह संख्या 200 तक रहती थी। अधिकांश मरीज गले में संक्रमण, तेज बुखार, जुखाम, खांसी और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
बुजुर्गों से ज्यादा युवा हो रहे बीमार
इस बार बीमारियों की चपेट में बुजुर्गों के मुकाबले युवा अधिक आ रहे हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण जीवनशैली में बरती जा रही लापरवाही है। चिकित्सकों के अनुसार, अधिकांश युवा धूप से आते ही ठंडा पानी पीते हैं। वहीं सुबह और रात की ठंड को नजरअंदाज करना भी युवाओं के लिए भारी पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल में तैनात मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. उपेंद्र श्योराण ने बताया कि मौसम के इस बदलाव के दौरान शरीर का इम्यून सिस्टम संवेदनशील हो जाता है। लोग गर्मी महसूस होने पर फ्रिज का ठंडा पानी पी रहे हैं, जो सीधे गले को प्रभावित कर रहा है। युवाओं में व्यायाम या बाहर से आने के तुरंत बाद ठंडे पेय पदार्थों का सेवन बीमारी का बड़ा कारण बन रहा है।
डॉ. उपेंद्र श्योराण ने कहा कि इस मौसम में बीमारियों की चपेट में आने से बचाव के लिए विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ठंडा पानी पीने से बचें। मटके के पानी या सामान्य पानी का ही सेवन करें। सुबह और देर रात की ठंड से बचने के लिए हल्के गर्म या पूरी बाजू के कपड़े पहनें। तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। यदि बुखार या गला खराब हो तो चिकित्सक से परामर्श लें।