चरखी दादरी। सुविधाओं की कमी के बीच कोच चंद्रप्रकाश पेंटाथलॉन और ट्रायलथॉन खेलों में हरियाणा का नाम चमका रहे हैं। बिना किसी सुविधा के अपने स्तर पर दक्षिण भारत के खेलों में कोच चंद्रप्रकाश हरियाणा का नाम चमका रहे हैं। खिलाड़ियों को मॉडर्न पेंटाथलॉन व ट्रायथलॉन का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। अब तक उन्होंने स्वयं तैराकी में 150 पदक हासिल किए। पांच साल में उनके तैयार किए 50 खिलाड़ियों ने 72 पदक हासिल किए हैं। एशियन कप में इन खेलों के माध्यम से प्रदेश व खिलाड़ियों को नई पहचान दिलाना उनका लक्ष्य है।
चंद्रप्रकाश (40) दादरी शहर में रहते हैं। उनके दो बेटे अमन और अंकुर हैं। चंद्रप्रकाश वर्ष 2002 में सेना में भर्ती हुए और 16 साल तक अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने आर्मी तैराकी चैंपियनशिप में भी भाग लिया। आर्मी की श्रेष्ठ दो स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए जबकि कुल 150 पदक जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद स्वीमिंग कोच बनकर युवाओं को खेल में पारंगत करना था। बाद में वर्ष 2019 में उन्होंने अपने दोनों बेटों को ट्रायलथलॉन व मॉडर्न पेंटाथलॉन की ट्रेनिंग दी।
इसके साथ ही शहर स्थित आर्यन स्वीमिंग अकादमी में कोच की नौकरी लगे। यहां पर उन्होंने दोनों बेटों को स्वीमिंग सिखाया और बाद में शहर के ग्रामीण क्षेत्र में साइकिलिंग व दौड़ का अभ्यास किया। दोनों पहली बार वर्ष 2019 में ही राज्यस्तर पर पदक हासिल किए तो उनका हौसला बढ़ा।
बाद में वे स्कूल के विद्यार्थियों को खेल की जानकारी देने लगे और उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दिए। इसी तरह, खिलाड़ी उनसे जुड़ते गए। अब तक वह 3 हजार युवाओं को तैराकी सिखा चुके हैं। फिलहाल, उनके पास 25 लड़के व 25 लड़कियां अभ्यास कर रही हैं।
- कपूरी पहाड़ी पर कराते हैं साइकिलिंग व दौड़
कोच चंद्रप्रकाश शहर से सटे गांव कपूरी में पहाड़ी पर खिलाड़ियों को साइकिलिंग का अभ्यास कराते हैं। इसमें प्रतिदिन दौड़ भी कराई जाती है। सुबह और शाम 4-4 घंटे तक खिलाड़ियों को प्रतिदिन अभ्यास कराते हैं। गर्मियों में जिले के एनएच 152-डी पर नारनौल तक युवाओं को साइकिलिंग कराने जाते हैं। खेल सुविधाओं का अभाव है। प्रदेश में इन खेलों की कोई अकादमी नहीं है। साथ ही वे बिना अकादमी खिलाड़ियों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देते हैं।
ये होते हैं पेंटाथलॉन व ट्रायलथलॉन
मॉडर्न पेंटाथलॉन की बात करें तो इसमें 200 मीटर तैराकी, 3 किलोमीटर दौड़, तलवारबाजी, शूटिंग व ऑप्टिकल आदि इवेंट कराए जाते हैं। वहीं, ट्रायथलॉन में 750 मीटर तैराकी, 20 किलोमीटर दौड़ और 5 किलोमीटर साइकिलिंग करवाई जाती है।