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दूषित पानी की निकासी नहीं होने से ग्रामीण परेशान, समाधान की मांग

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गांव फौगाट में बूस्टिंग स्टेशन वाली गली में जमा गंदा पानी। - फोटो : CharkhiDadri
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स्वच्छता को लेकर सरकार अभियान चला रही है, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी की समस्या जस की तस बनी हुई है। गांव फौगाट के वार्ड चार में दूषित पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध न होने से ग्रामीणों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। लंबे समय से दूषित पानी गली में भरा हुआ है, जिसके चलते ग्रामीणों को बीमारियां फैलने का अंदेशा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दूषित पानी की निकासी की मांग की है।
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ग्रामीण कालू, नरेश, चंद्रपाल, अरविंद्र, संजय और कुलदीप ने बताया कि गांव फौगाट में बूस्टिंग स्टेशन के साथ लगती गली में दूषित पानी भरा है। उन्होंने बताया कि गली में पानी निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं है। यह समस्या पिछले लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीण कई दफा समस्या के स्थायी समाधान की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। समस्या के कारण ग्रामीणों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वैसे तो गली पक्की बनी हुई है, लेकिन गंदे पानी की समस्या के चलते ग्रामीणों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में स्थिति और विकट हो जाती है। इसमें ग्रामीणों को जलभराव का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस बारे में ग्राम पंचायत को भी कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन पंचायत ने भी समस्या का समाधान नहीं करवाया है। ग्रामीणों ने बताया कि दूषित पानी में मच्छर और मक्खियां पैदा होने से बीमारी फैलने का भय भी बना हुआ है।
जमीन की पैमाइश को लेकर मतभेद के चलते ही समाधान नहीं हो पा रहा है : सरपंच
सरपंच जयपाल सिंह ने बताया कि बूस्टिंग स्टेशन के पास गली में गंदा पानी भरने से ग्रामीण परेशान हैं। जहां दूषित पानी की निकासी की जानी है, उस जगह को लेकर आपसी विवाद है। बिना पैमाइश के इस जगह पर गंदे पानी की निकासी को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। ऐसे में पंचायत भी दुविधा में फंसी है। जमीन की पैमाइश के बाद ही पंचायत गंदे पानी की निकासी के लिए प्रबंध करवा सकती है।
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