संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मौसम में बदलाव के चलते बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी तरफ, शहर के नागरिक अस्पताल में मरीजों को जरूरी जांच की सुविधा नहीं मिल रही है। सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) मशीन पिछले एक महीने से बंद पड़ी है।
इस कारण मरीजों को उपचार में देरी हो रही है। मजबूरी में उन्हें रक्त की जांच करवाने के लिए महंगे दामों पर निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सीबीसी मशीन में उपयोग होने वाला ‘’रिजेंट’’ (रसायन) खत्म हो चुका है, जिसकी आपूर्ति अब तक नहीं हो पाई है।
यह मशीन बुखार से ग्रस्त मरीजों के रक्त जांच के लिए बेहद जरूरी होती है। इससे डेंगू, मलेरिया, वायरल जैसे संक्रमणों की पुष्टि होती है। नागरिक अस्पताल में हर दिन औसतन 150 से अधिक मरीज सीबीसी जांच के लिए आते हैं लेकिन मशीन बंद होने के कारण उन्हें लौटना पड़ रहा है या फिर निजी लैब में जांच करवानी पड़ रही है, जहां प्रति जांच 200 से 300 रुपये तक खर्च आता है।
किस प्रकार की जांच करती है सीबीसी मशीन : सीबीसी मशीन रक्त की मुख्य कोशिकाओं जैसे लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेत रक्त कोशिकाएं, प्लेटलेट्स की संख्या, आकार और अन्य विशेषताओं की जांच करती है। इससे एनीमिया, संक्रमण, ल्यूकेमिया और रक्तस्राव संबंधी समस्याओं के साथ ही विभिन्न बीमारियों का पता लगाने और उनकी निगरानी में मदद मिलती है।
प्रतिदिन 70 प्रतिशत वायरल बुखार के आ रहे मरीज : नागरिक अस्पताल में अच्छा व निशुल्क उपचार करवाने के लिए प्रतिदिन 1300 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 70 फीसदी लोग वायरल बुखार से पीड़ित पाए जाते हैं। चिकित्सक मरीज के बेहतर उपचार के लिए उनको सीबीसी टेस्ट कराने के लिए लिखते हैं लेकिन अस्पताल में मशीन का रिजेंट नामक रसायन खत्म है। इस कारण मरीजों को बिना टेस्ट करवाए ही लौटना पड़ रहा है।