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Charkhi Dadri News: तीन लाख की राशि खुर्द-बुर्द करने पर पूर्व महिला सरपंच और तत्कालीन ग्राम सचिव पर केस दर्ज

Fri, 28 Jul 2023 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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बौंदकलां। एमपी फंड से मिली तीन लाख की ग्रांट खुर्द-बुर्द करने पर बौंदकलां थाना पुलिस ने बौंदकलां की पूर्व सरपंच अनीता और तत्कालीन ग्राम सचिव राहुल पर मामला दर्ज किया है। इस संबंध में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रिषभ सिंगल की ओर से थाने में शिकायत दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पंचायत विभाग के अधिकारी के अनुसार इस ग्रांट से बैकवर्ड चौपाल में कमरे का निर्माण कराया जाना था जबकि पूर्व महिला सरपंच और ग्राम सचिव ने ऐसा नहीं किया।
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पुलिस को दी शिकायत में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रिषभ सिंगल ने बताया कि गत 19 मई को जिला समन्वयक एवं निगरानी समिति की बैठक हुई थी, जिसकी अध्यक्षता सांसद धर्मबीर सिंह ने की थी। बैठक में बौंदकलां ग्राम पंचायत को दी तीन लाख की ग्रांट को खुर्द-बुर्द करने का मामला उठा था और सांसद ने इसकी रिपोर्ट तलब की थी। उस दौरान मामला सामने आया था। डीआरडीए की ओर से बैकवर्ड चौपाल की भौतिक जांच की गई और उस दौरान सामने आया कि तीन लाख की ग्रांट से कमरे का निर्माण नहीं करवाया गया। इस पर संज्ञान लेकर सांसद ने कार्रवाई का आदेश दिया था।
वहीं, विभागीय अधिकारियों के अनुसार इससे पहले गत 18 अप्रैल को बैकवर्ड चौपाल का निरीक्षण किया गया और उस दौरान ग्राम सचिव राहुल, कनिष्ठ अभियंता सुनील कुमार, भूतपूर्व सरपंच अनीता देवी के पति गोविंद सिंह और महासचिव अत्तर सिंह के प्रतिनिधि महेंद्र सिंह आदि मौजूद थे। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ करने पर सामने आया कि तीन लाख की ग्रांट से किसी कमरे का निर्माण नहीं करवाया गया।
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ग्राम सचिव पेश नहीं कर पाया रिकॉर्ड
तत्कालीन ग्राम सचिव राहुल से एमपी फंड से मिली ग्रांट खर्च करने संबंधी रिकॉर्ड मांगा गया तो उसने असमर्थता जताई और रिकॉर्ड देने से मना कर दिया। वहीं, तत्कालीन सरपंच प्रतिनिधि गोबिंद सिंह ने बताया कि समाज के लोगों के आग्रह पर इस ग्रांट से बिजली फिटिंग कार्य करवाया गया। जब इस बारे में उनसे रिकाॅर्ड मांगा गया तो उन्होंने बताया कि इससे संबंधित रिकार्ड तत्कालीन गाम सचिव राहुल को सौंप दिया गया था।

प्रबंधक कमेटी सदस्यों ने ये दिया तर्क
प्रबंधन कमेटी सदस्य अनिल ने टीम की ओर से लिए गए बयान में बताया कि पंचायत की तरफ से केवल 20-22 हजार रुपये का सामान लाया गया था और बिजली फिटिंग के 5600 रुपये की अदायगी कमेटी की ओर से की गई। वहीं, पूर्व पंच रमेशचंद्र ने बताया था कि पंचायत की तरफ से एमपी फंड से प्राप्त हुई ग्रांट से रंग-पेंट और पुताई का कार्य नहीं करवाया गया। यहां रंग-रोगन का कार्य तत्कालीन पंचायत समिति सदस्य कमला देवी की ओर से करवाया गया था। कनिष्ठ अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि उनके द्वारा एमपी फंड से प्राप्त राशि के संबंध में किसी मापक पुस्तिका में इंद्राज नहीं किया गया है।
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