हाईकोर्ट के आदेशों पर घिकाड़ा गांव में शुक्रवार को 25 दिन के दूसरी बार कब्जा कार्रवाई की गई। प्रशासनिक अमले ने करीब छह घंटे चली कार्रवाई में पंचायती जमीन पर अवैध रूप से बनाए 30 मकानों को ढहाया। कब्जा कार्रवाई शनिवार को भी जारी रहेगी। शुक्रवार को कब्जाधारियों ने कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन पुलिस फोर्स ने सख्ती बरतते हुए उन्हें वहां से खदेड़ दिया।
घिकाड़ा गांव में शुक्रवार को होने वाली कब्जा कार्रवाई के लिए तहसीलदार अजय सैनी और बीडीपीओ सुभाषचंद्र को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। सुबह करीब साढ़े दस बजे 330 पुलिस कर्मियों के प्रशासनिक अमला घिकाड़ा गांव पहुंचा। 11 बजे कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई शुरू होते ही कुछ लोग अवैध रूप से बनाए मकानों की दीवार के पास खड़े हो गए। पहले उन्हें पुलिसकर्मियों ने समझाया और वहां से न हटने पर उन्हें हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ा गया। शाम पांच बजे तक कार्रवाई चली और इस दौरान करीब 30 पक्के मकान तोड़े गए। सरपंच सोमेश ने बताया कि कब्जा कार्रवाई शनिवार को भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि गांव की गलियों में पंचायती जमीन पर मकान बनाकर 100 फुट तक कब्जा किया हुआ था जिसे शुक्रवार को हटाया गया।
पुलिसकर्मियों के लिए ग्राम पंचायत ने लगाया लंगर
कब्जा कार्रवाई करीब छह घंटे तक चली। गत 24 नवंबर को की गई पिछली कब्जा कार्रवाई का भी कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया था और इसके चलते शुक्रवार को दस वाहनों में सवार होकर 330 पुलिसकर्मी घिकाड़ा पहुंचे। इन पुलिसकर्मियों के लिए ग्राम पंचायत ने अपने स्तर पर लंगर भी लगाया।
कब्जाधारी बोले: हम लड़ रहे अपनी लड़ाई, समय नहीं दे रहा प्रशासन
पंचायती जमीन पर तोड़े गए मकानों में रहने वाले ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया। मकान के टूटने से पहले वे एकत्रित होकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे अपने मकानों को टूटने से बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका मामला कमिश्नर कोर्ट में विचाराधीन है और 22 दिसंबर को उसकी सुनवाई है। उन्होंने पांच दिन कब्जा कार्रवाई टालने की मांग की। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए स्टे कॉपी मांगी। दूसरा पक्ष स्टे नहीं दिखा पाया। इसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया।
अधिकारियों की मौजूदगी में कब्जाधारी ने मुझे दी धमकी: सरपंच
घिकाड़ा सरपंच सोमेश ने बताया कि कब्जा हटवाने पर उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। इसलिए पुलिस विभाग ने उन्हें गनमैन मुहैया करवा रखे हैं। सरपंच ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे कार्रवाई के दौरान एक कब्जाधारी अधिकारियों की मौजूदगी में उसे धमकी देते हुए वहां से फरार हो गया।
मुझे डीसी ने कब्जा कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। दूसरा पक्ष हमे स्टे ऑर्डर नहीं दिखा पाया और इसके चलते ही पंचायती जमीन पर बने मकानों को तोड़ा गया है। बचे हुए कब्जों को हम शनिवार को हटाएंगे।
सुभाषचंद्र, बीडीपीओ एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट
Capture action: 30 houses broken in six hours, police chased down protesters- फोटो : CharkhiDadri